|
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल के माओवादी भारत आ रहे हैं
भारतीय पुलिस का कहना है कि नेपाल के विद्रोही माओवादी पनाह लेने और इलाज कराने के लिए भारत में प्रवेश कर रहे हैं. समाचार एजेंसी एपी के अनुसार पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों में 128 माओवादी विद्रोहिओं के इलाज की ख़बर है. लखनऊ पुलिस के अनुसार पिछले दिनों तीन विद्रोहियों को उस समय गिरफ्तार किया गया था जब वे अपने एक साथी को अस्पताल ले जाने की कोशिश कर रहे थे. नेपाली माओवादी 1996 से देश में प्रजातंत्र की माँग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं. सरकार और विद्रोहियों के बीच बातचीत अगस्त में टूट गई थी तब से विद्रोही फिर सक्रिय हो गए हैं. पुलिस छापे नेपाल और उत्तर प्रदेश के बीच 780 किलोमीटर की सीमा है. इस पर दोनों देशों के सुरक्षा बल तैनात हैं. उत्तर प्रदेश के एक बड़े अधिकारी अनिल कुमार सिंह का कहना है, ''भारत में प्रवेश करने वाले विद्रोही कार्यकर्ताओं की संख्या बड़ी है.'' ''कई विद्रोही अपने स्थानीय संपर्कों के ज़रिए भारत आकर इलाज करवा लेते हैं और इसका पता नहीं चलता.'' जुलाई में सीमा पर स्थित बलरामपुर में एक घायल महिला समेत नौ संदिग्ध विद्रोहियों को गिरफ़्तार किया गया था. भारतीय पुलिस सीमा से लगे इलाकों के अस्पतालों में अक्सर छापे डालती रहती है. ख़ुफ़िया विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि यह खुली कार्रवाई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि नेपाल के माओवादी विद्रोहियों के भारत के कम्युनिस्ट संगठनों से संबंध हैं. नेपाल में विद्रोह शुरु होने के बाद से अब तक कोई आठ हज़ार लोग मारे जा चुके हैं. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||