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फिर से गोलबंद हो रहे हैं तालेबान लड़ाके
पाकिस्तान में बीबीसी के दफ़्तर में एक वीडियो पहुँचा है जिसमें पहली बार तालेबान को संगठित हो कर दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में खुले रूप से घूमते दिखाया गया है. तालेबान ने छह हफ़्ते पहले तुर्की के जिस इंजीनियर का अपहरण किया था उसकी रिहाई के बाद यह वीडियो भेजा है. इसमें उन्हें देसी बम तैयार करते भी देखा जा सकता है. वीडियो में अपहरण के दृश्य भी शामिल हैं. यह सब ऐसे समय पर है जब अमरीकी नेतृत्व के बलों ने तालेबान और अलक़ायदा के ख़िलाफ़ अपना एक बड़ा अभियान ऑपरेशन ऐवालाँश शुरू किया है. डेढ़ घंटे के इस वीडियो में और भी बहुत कुछ है. इसकी शुरुआत तालेबान के एक बम बनाने वाले कारख़ाने से होती है. यह गारे और ईंट से बनी एक झोंपड़ी है और लगता है कि कहीं दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में स्थित है. झोंपड़ी के अंदर कई लोग अलार्म घड़ी के आकार के उपकरणों को लगभग ढाई फ़ुट लंबे तोप के गोलों के ख़ोल के साथ बाँधते नज़र आ रहे हैं.
फिर रात हो जाती है और लड़ाके यह मिसाइलें अपने कंधों पर लाद कर किसी अज्ञात स्थल की ओर रवाना हो जाते हैं. वहाँ वे इन मिसाइलों को नीचे रख देते हैं और इनका मुँह उनके निशाने की ओर होता है. उसके बाद उन्हें टहनियों से ढंक दिया जाता है. तुर्की के इंजीनियर के अपहरण के चित्र होने की वजह से यह बात साबित हो जाती है कि यह वीडियो असली है और इसमें दिखाए गए लोग तालेबान ही हैं. इस इंजीनियर को बारह दिन पहले रिहा किया गया है. दो साल से जब से तालेबान का पतन हुआ है उनके लड़ाके अमरीकी-नेतृत्व वाले बलों को परेशानी में डाले हुए हैं. यह वीडियो, अगर सचमुच असली है, तो यह इस बात को पूरी तरह ज़ाहिर कर देता है कि अमरीका और उसके सहयोगियों का किससे पाला पड़ रहा है. चाहे वे आधुनिक हथियारों से लैस न हों तो भी उनके हौसले बुलंद हैं और वे दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान के कुछ हिस्सों में तो खुले आम घूम रहे हैं. |
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