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जोगी से मेरी जान को ख़तरा हैः खुँटे
विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी छोड़कर काँग्रेस में शामिल होने वाले लोकसभा सांसद पीआर खुँटे ने जोगी टेप कांड को एक नया मोड़ दे दिया है. खुँटे का नाम भी इस मामले में उछला था लेकिन उनका कहना है कि उन्हें इस मामले में 'बली का बकरा' बनाया जा रहा है. रायपुर में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष वीरेंद्र पांडे की इस मामले में सक्रिय भूमिका थी. संवाददाता सम्मेलन के दौरान रोते हुए खुँटे ने कहा कि पांडे और पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी दोनो ही आदिवासी नेता बलि राम कश्यप को मुख्यमंत्री बनाना चाहते थे.
दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी इस मामले में लगे सभी आरोपों का खंडन करते हैं और कहते हैं कि टेप पर रिकॉर्ड की गई आवाज़ उनकी नहीं है. जोगी का ये भी कहना है उन्हें एक षडयंत्र के तहत इस मामले में फँसाया जा रहा है. खुँटे ने आरोप लगाया, "मेरा जान को जोगी से ख़तरा है क्योंकि वे मेरे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं और उन्हें लगता है कि मैने इस मामले की जानकारी लीक की है." उन्होंने कहा कि वे केंद्रीय जाँच ब्यूरो के साथ सहयोग करेंगे लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें उस पत्र के बारे में कुछ नहीं पता जिसमें कथित तौर पर जोगी के समर्थन देने का वादा किया गया है. दलित सांसद खुँटे ने आरोप लगाया कि उन्हें डरा-धमका कर काँग्रेस में शामिल कराया गया था. उनका कहना था कि उन्होंने प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मुख्यमंत्री रमन सिंह से अनुरोध किया है कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए. |
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