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शनिवार, 06 दिसंबर, 2003 को 13:46 GMT तक के समाचार
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बिहार के पुलिस महानिदेशक हटाए गए

डब्ल्यूएच ख़ान और डीपी ओझा
ओझा की जगह डब्ल्यूएच ख़ान को कार्यभार दिया गया

बिहार की राबड़ी देवी सरकार ने डीपी ओझा को हटा कर वारिस हयात ख़ान को राज्य का पुलिस महानिदेशक नियुक्त किया है.

शनिवार को दफ़्तर खुलते ही इस फ़ैसले से प्रदेश के प्रशासनिक अमले में सनसनी फैल गई.

राज्य सरकार के इस निर्णय के साथ ही इसके विरोध और समर्थन में बयानों का सिलसिला भी शुरु हो गया.

पद से हटाए जाने के बाद डीपी ओझा ने पुलिस की सेवा से ही इस्तीफ़ा दे दिया जबकि वे फ़रवरी में सेवानिवृत्त होने वाले थे.

डीपी ओझा ने पिछले दिनों सार्वजनिक बयानों में अपराधियों और नेताओं के गठजोड़ के साथ ही शासनतंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर तीखे प्रहार करते हुए कई बार लोगों को चौंकाया था.

 बिहार के लोगों ने लफंगों के हाथों में सत्ता डाल दी है और सत्ता से जुड़े नेता भी जेल में बंद अपराधी सरगना के चरण छूने पहुँच जाते हैं

डीपी ओझा

उनसे पहले बिहार में किसी पुलिस महानिदेशक ने सत्ता और नेता के ख़िलाफ़ इतना खुलकर बोलने की हिम्मत नहीं की थी.

इस मामले में डीपी ओझा का रुख़ शुरु से ही साफ़ रहा है.

उन्होंने बिहार की सत्ताधारी पार्टी राष्ट्रीय जनता दल के एक सांसद और अपराध के कई मामलों के अभियुक्त मोहम्मद शहाबुद्दीन को जेल भिजवाने के मामले में भी अहम भूमिका निभाई थी.

इनकी इस तरह की गतिविधियों ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक मुश्किलें बढ़ा दी थीं.

खुला बयान

हाल के एक समारोह में उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि बिहार के लोगों ने लफंगों के हाथों में सत्ता डाल दी है और सत्ता से जुड़े नेता भी जेल में बंद अपराधी सरगना के चरण छूने पहुँच जाते हैं.

 इनका दिमाग फिर गया था

मुख्यमंत्री राबड़ी देवी

ग़ौरतलब है कि गत माह राजद प्रमुख लालू यादव ने सिवान की जेल में बंद शहाबुद्दीन से भेंट की थी.

ये मामला इतना तूल पकड़ चुका था कि राबड़ी देवी सरकार के मंत्रियों ने भी डीपी ओझा को राज्य के पुलिस महानिदेशक पद से हटाने का दबाव बढ़ा दिया था.

आख़िरकार शनिवार को लालू-राबड़ी सरकार ने ये क़दम उठा ही लिया.

प्रतिक्रियाएं

इसके बाद बिहार में राजनीति और समाज के विभिन्न हलकों से इस बारे में प्रतिक्रियाएं मिलनी भी शुरु हो गईँ.

बिहार की भारतीय जनता पार्टी इकाई का कहना है, " अपराधियों को संरक्षण देने वाली राबड़ी सरकार के चेहरे को बेनक़ाब करने वाले डीजीपी को हटाना लालू यादव को महँगा पड़ेगा."

 डीपी ओझा आचार संहिता की सीमा लाँघ गए थे.उनको डीजीपी बना कर हमने बहुत बड़ी भूल की थी. वे ऐसे आदमी हैं जो जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं

लालू यादव

दूसरी तरफ़ प्रदेश की मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा है," इनका दिमाग़ फिर गया था".

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी इस मामले में टिप्पणी की और कहा, " डीपी ओझा आचार संहिता की सीमा लाँघ गए थे.उनको डीजीपी बना कर हमने बहुत बड़ी भूल की थी. वे ऐसे आदमी हैं जो जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं."

अब रोचक पहलू ये है कि प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को हटाने के बाद एक बार फिर से विवादों के कटघरे में घिरी राबड़ी-लालू सरकार आगे कौन से रंग दिखाती है.

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