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बाबरी विध्वंस की बरसी: अयोध्या में शांति
उत्तर प्रदेश के अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या में बाबरी विध्वंस की 11 वीं बरसी पर शांति है. छह दिसंबर, 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद पूरे देश में सांप्रदायिक दंगे भड़क उठे थे. इन दंगों में दो हज़ार से अधिक लोग मारे गए थे. इस दिन को कट्टरपंथी हिंदू विजय दिवस के रूप में मनाते हैं और मुसलमानों के लिए ये शोक का दिन है. हिंदुओं का मानना है कि यह भगवान राम का जन्मस्थल है और वे वहाँ भव्य मंदिर बनाना चाहते हैं.
मुसलिम समुदाय के लोग यहाँ मस्जिद निर्माण के लिए क़ानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं. इस साल यहाँ का माहौल शांत है क्योंकि रमज़ान और ईद के दौरान यहाँ हिंदू और मुसलमानों ने सांप्रदायिक सौहार्द के लिए रैलियाँ निकालीं थीं. स्थानीय मुसलमान नेता मोहम्मद हाशिम अंसारी का कहना था कि मुसलमानों के लिए 6 दिसंबर का दिन दुखद है और वे मस्जिद के पुनर्निर्माण की दुआएँ करेंगे. दूसरी ओर कट्टरपंथी हिंदू संगठन विश्व हिंदू परिषद के प्रवक्ता अशोक शर्मा का कहना था कि विश्व हिंदू परिषद अपने केशव पुरम परिसर में हिंदू सम्मेलन का आयोजन कर रहा है. लेकिन दोनों पक्षों की ओर से कार्यक्रम बेहद छोटे स्तर पर हैं और रस्मी तौर पर आयोजित किए जा रहे हैं. पुलिस महानिदेशक वी एन राय का कहना है कि बाहर से लोग बड़ी संख्या में नहीं आ रहे हैं. साथ ही प्रशासन ने विवादास्पद स्थल की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए कड़े इंतज़ाम किए हैं. राज्य की गृह सचिव दीप्ति विलास ने पत्रकारों को बताया कि संवेदनशील ज़िलों के प्रशासन को सतर्क रहने के लिए कहा गया है. |
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