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तीन और इस्लामी गुटों पर पाबंदी
पाकिस्तान ने तीन और इस्लामी गुटों पर फ़िरक़ापरस्ती को बढ़ावा देने के आरोप में पाबंदी लगा दी है. एक गुट जमीयतुल फ़ुरक़ान के सदस्यों को पिछले साल अमरीकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या से जोड़ कर देखा जाता है. पिछले एक हफ़्ते से भी कम समय में दूसरी बार इस तरह का प्रतिबंध लगाया गया है. तीन प्रतिबंधित गुटों ने, जिन्होंने अपना नाम बदल लिया था, उन पर एक बार फिर पाबंदी लगा दी गई थी. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि कुछ अन्य इस्लामी गुटों पर भी शीघ्र ही पाबंदी लगाई जा सकती है. जमीयतुल फ़ुरक़ान के अलावा जिन अन्य दो गुटों पर प्रतिबंध लगाया गया है वे हैं: हिज़्बुल तहरीर, एक ऐसा संगठन जिसकी शाखाएँ ब्रिटेन और अन्य देशों में भी हैं और एक अपेक्षाकृत अंजाना गुट जमीयतुल अंसार. सरकार ने इन गुटों पर पाबंदी लगाने की कोई विशिष्ट वजह नहीं बताई है. गृह मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है कि यह कार्रवाई देश के आतंकवाद-विरोधी क़ानून के तहत की गई है. पाकिस्तान की छह प्रमुख चरमपंथी पार्टियों के गठबंधन, मुत्तहिदा मजलिसे अमल ने इस्लामी गुटों पर पाबंदी लगाए जाने की निंदा की है. उन्होंने सरकार पर अमरीका के दबाव में यह कार्रवाई करने का आरोप लगाया है. |
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