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सुशील शर्मा को मौत की सज़ा
दिल्ली की एक अदालत ने जुलाई 1995 में हुए तंदूर कांड के मुख्य अभियुक्त सुशील शर्मा को मौत की सज़ा सुनाई है. सुशील शर्मा पर अपनी पत्नी नैना साहनी की हत्या करने और शव को एक तंदूर में जलाने का आरोप था. अदालत ने मुक़दमे की लंबी सुनवाई के बाद सुशील शर्मा को गत सोमवार को सुनाए फ़ैसले में दोषी क़रार दिया था. अदालत ने इस मामले के सह-अभियुक्त केशव कुमार को सात साल की क़ैद सज़ा सुनाई है. केशव कुमार पर आरोप था कि उसने नैना साहनी के शव को तंदूर में जलाने में सुशील शर्मा की मदद की थी. चूँकि केशव पहले ही जेल में आठ साल गुज़ार चुके हैं इसलिए शुक्रवार को ही उनको रिहा कर दिया गया. सुशील शर्मा के वकीलों ने कहा है कि वे अदालत के फ़ैसले को चुनौती देंगे. हत्या सुशील शर्मा काँग्रेस के पूर्व नेता रहे हैं और उनकी पत्नी नैना साहनी एक पायलट थीं.
इस मामले में दाख़िल किए गए आरोप-पत्र के अनुसार सुशील शर्मा ने अवैध संबंधों के शक में नैना साहनी की गोली मारकर हत्या कर दी थी. फिर शव के कई टुकड़े करके उन्हें दिल्ली के एक रेस्तराँ के तंदूर में झोंक दिया गया था. तंदूर से उठते धुएँ और मानव शरीर के जलने की गंध ने वहाँ से गुज़र रहे एक पुलिस काँस्टेबल का ध्यान खींचा था. उसके बाद पुलिस ने छापा मार कर तंदूर से नैना साहनी के शव के अधजले हिस्से बरामद किए थे. रेस्तराँ के मैनेजर केशव कुमार को मौक़े पर ही गिरफ़्तार कर लिया गया था. सुशील शर्मा को घटना के कई दिन बाद बंगलौर में गिरफ़्तार किया गया था. |
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