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राष्ट्रपति कलाम से मिले युवराज चार्ल्स
ब्रिटेन के युवराज चार्ल्स ने भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाक़ात के बाद कहा है कि दोनों देश एक दूसरे से काफ़ी लाभ उठा सकते हैं. राष्ट्रपति भवन में ये मुलाक़ात निर्धारित समय सीमा से कुछ लंबी खिंची और 40 मिनट तक चली. इससे पहले राजकुमारी डायना के साथ युवराज चार्ल्स 1992 में भारत गए थे और तभी वह अंतिम बार राष्ट्रपति भवन गए थे. उस समय राजकुमारी और युवराज के संबंध तनाव के दौर से गुज़र रहे थे. वह उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेख़ावत से भी मिले. युवराज चार्ल्स ने इस मुलाक़ात के बाद कहा, "भारत और ब्रिटेन के बीच पहले से कहीं ज़्यादा व्यापार हो रहा है और पहले से कहीं ज़्यादा निवेश भी हो रहा है." उन्होंने कहा कि इस साल की पहली छमाही में तो दोनों देशों के बीच व्यापार में 16 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है.
युवराज का कहना था कि ब्रिटेन के इतिहास में भारत की जड़ें काफ़ी गहरी हैं. उनका कहना था कि भारत और ब्रिटेन भविष्य में भी सुरक्षा और समृद्धि के क्षेत्र में लंबे समय तक सहयोग निभाएँगे. राष्ट्रपति कलाम से मिलने के बाद चार्ल्स दिल्ली की नवनिर्मित मेट्रो रेल पर भी बैठे. फिर वह तिब्बत के एक स्कूल गए और उन्होंने तिब्बत के युवा डिज़ाइनरों का फ़ैशन शो भी देखा. |
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