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इराक़ में हमला, 14 की मौत | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में अधिकारियों का कहना है कि बक़ूबा शहर के पास एक गाँव में संदिग्ध अल क़ायदा चरमपंथियो के एक हमले में चौदह लोगो की मौत हो गई है. मृतकों में महिलाएं और बच्चे भी हैं. अधिकारियों के अनुसार हमले के दौरान गाँववालो के साथ हुई लड़ाई में चार बंदूकधारी भी मारे गए हैं. पुलिस का कहना है कि साठ से ज़्यादा हथियारबंद लोगो ने शिया बहुल गाँव दुवैलिया पर धावा बोलने से पहले मोर्टार हमले किए. यह गाँव बक़ूबा शहर से क़रीब 18 किलोमीटर उत्तर में है. इस हमले में कई मकानों को भी नुक़सान पहुँचा है. पिछले कुछ महीनो में ही ये दूसरा मौक़ा है जब अल क़ायदा चरमपंथियो ने इस गाँव को निशाना बनाया है. हाल ही में इराक़ी सरकार ने दावा किया था कि नवम्बर महीने में मारे गए लोगो की संख्या पिछले दो सालो में सबसे कम है. इराक़ी अधिकारियों का कहना है कि नवंबर महीने में 606 लोगों मारे गए हैं जिनमें आम लोग और सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. उससे पहले महीने यानी अक्तूबर में 887 लोगों के मारे जाने का जानकारी दर्ज की गई थी. इस बीच इराक़ी संसद में सुन्नी अरब समुदाय के सबसे बड़े गुट के सदस्यों ने शनिवार को संसद से बहिर्गमन किया. नाराज़ सदस्यो का कहना है कि उनके एक नेता अदनान अल दुलैमी को नज़रबंद कर दिया गया है और जब तक उन्हें रिहा नही किया जाता तब तक वो संसद का बहिष्कार करेंगें. वहीं इराक़ सरकार का कहना है कि अदनान अल दुलैमी की सुरक्षा के मद्देनज़र ही उन्हें घर पर रहने के लिए कहा गया है और उन्हें नज़रबंद नही रखा गया है. शुक्रवार को इराक़ी और अमरीकी सुरक्षा बलो ने अदनान अल दुलैमी के चालीस से ज़्यादा कर्मचारियो को इसलिए हिरासत में ले लिया था क्योंकि उन पर विस्फोटकों से भरी कार की चाबियाँ होने का संदेह था. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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