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आठ बच्चों को मारने के आरोप में सज़ा | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जर्मनी में अपने ही आठ शिशुओं की हत्या करने के आरोप में एक महिला को जून 2006 में 15 साल की जेल की सज़ा सुनाई गई. फ़्रैंकफ़ुर्त की एक अदालत ने ज़बीन हिलसेंत्ज़ नामक 40 वर्षीय महिला को आठ बच्चों की हत्या का दोषी पाया. उसके मृत शिशुओं की अस्थियाँ पोलैंड की सीमा के पास उसके पैतृक घर में फूलदानों और बगीचे से बरामद की गई थीं. समझा जाता है कि आठ शिशुओं को 1988 से 1998 के दौरान पैदा होने के तुरंत बाद मारा गया होगा. उसके एक नौवें बच्चे की भी मौत हुई थी, लेकिन बहुत पहले की घटना होने के कारण उसके लिए हिलसेंत्ज़ पर कोई मामला नहीं चलाया जा सका. डीएनए जाँच से पता चला कि नौ के नौ मृत शिशु ज़बीन हिलसेंत्ज़ और उनके पूर्व पति ओलिवर की संतान थे. मरने के लिए छोड़ा इस राज़ का पर्दाफाश होने के समय हिलसेंत्ज़ 40 साल की थीं और वह पेशे से एक डेंटल नर्स रही हैं लेकिन कुछ समय से बेरोज़गार थीं. पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने बच्चों की हत्या करने से इनकार किया, लेकिन माना कि उन्होंने बच्चों को मरने के लिए छोड़ दिया था. हिलसेंत्ज़ ने बताया कि उसके पहले से ही तीन बच्चे थे और उसके पति और बच्चे नहीं चाहते थे. ज़बीन हिलसेंत्ज़ के पति, रिश्तेदारों और पड़ोसियों का कहना था कि उन्हें हिलसेंत्ज़ के गर्भवती होने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी. मृत शिशुओं की जानकारी तब सामने आई जब एक पड़ोसी ने उसके पिता के गैराज को साफ करते समय कुछ मानव हड्डियाँ पाई. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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