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बुधवार, 13 दिसंबर, 2006 को 05:31 GMT तक के समाचार
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ईरान में 'जनसंहार' पर सम्मेलन
सम्मेलन
कई देशों ने इस तरह का आयोजन करने के लिए ईरान की निंदा की
ईरान ने एक ऐसे सम्मेलन का आयोजन किया है जिसमें यहूदियों के 'जनसंहार' पर सवाल उठाए जा रहे हैं.

दुनिया के कई देशों ने इस तरह का आयोजन करने के लिए ईरान की निंदा की है.

ईरान ने कहा है कि जो लोग 'यहूदियों के जनसंहार' की वास्तविकता पर प्रश्नचिन्ह लगाते आए हैं, उनके लिए यह सम्मेलन अपनी अभिव्यक्ति को सामने लाने का एक माध्यम है.

सम्मेलन का आयोजन ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद की ओर से किया गया है. अहमदीनेजाद ने मंगलवार को सम्मेलन में हिस्सा ले रहे प्रतिनिधियों से मुलाक़ात भी की.

सम्मेलन के आयोजन के बारे में ईरान की ओर से कहा गया है कि वो इस आयोजन के जरिए यह परीक्षण करना चाहते हैं कि पैगंबर के कार्टून के मसले पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने वाले पश्चिमी देश क्या ऐसे आयोजन पर भी उतने ही प्रतिबद्ध रहेंगे.

सम्मेलन में जो लोग शामिल हुए हैं उनमें से कई इसराइल के विरोधी और जनसंहार की बात को सही न ठहराने वाले लोग हैं.

बीबीसी संवाददाता के मुताबिक सम्मेलन में एक भी ऐसा व्यक्ति ढूंढ पाना मुश्किल है जो यह मानता हो कि 60 लाख यहूदियों को नाज़ियों ने मौत के घाट उतार दिया था या यहूदियों को मारने के मकसद से ही गैस चैंबर बनाए गए थे.

राष्ट्रपति अहमदीनेजाद के सलाहकार अली रामीन का मानना है कि जनसंहार हुआ कि नहीं, इस बारे में वो कोई निर्णय नहीं ले पाए हैं पर इतना ज़रूर है कि अगर जर्मनी के लोगों ने यह अपराध नहीं किया तो फिर उन्हें इसकी सज़ा भी नहीं मिलनी चाहिए.

निंदा

अपनी शुरुआत के साथ ही यह सम्मेलन विवादित हो गया है और इस तरह के आयोजन के लिए दुनिया के कई देश ईरान की निंदा कर रहे हैं.

इस आयोजन पर टिप्पणी करते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा, "बात बहुत सीधी है. ईरान जानबूझकर कई देशों की संयमशील सरकारों के सामने मुश्किलें खड़ी कर रहा है. ईरान ने यह सवाल उठाकर मुझे चौंका दिया है कि जनसंहार हुआ था कि नहीं."

उधर वेटिकन सिटी की ओर से इस सम्मेलन की निंदा करते हुए कहा गया है कि जर्मन नाज़ियों द्वारा किए गए 60 लाख यहूदियों के जनसंहार पूरी मानवता के लिए एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना है.

जर्मनी की चांसलर एंजिला मार्कल ने भी इसकी निंदा करते हुए कहा कि जनसंहार न होने की बात को जर्मनी कभी भी स्वीकार नहीं करेगा.

वहीं सम्मेलन में आए प्रतिनिधियों ने कहा है कि इस सम्मेलन के आयोजन के लिए राष्ट्रपति अहमदीनेजाद की तारीफ़ की जानी चाहिए.

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