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लाइबेरिया के लापता पूर्व राष्ट्रपति गिरफ़्तार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लाइबेरिया के पूर्व राष्ट्रपति चार्ल्स टेलर को नाइजीरिया में गिरफ़्तार कर लिया गया है. संयुक्त राष्ट्र के युद्धापराध न्यायाधिकरण को उनकी तलाश है और वे पिछले तीन साल से नाइजीरिया में निर्वासन का जीवन बिता रहे थे. मगर सोमवार को वे अचानक दक्षिण नाइजीरिया में अपने बंगले से लापता हो गए थे. नाइजीरिया की पुलिस ने कहा है कि उनको उनके बंगले से ठीक उल्टी दिशा में पड़ोसी देश कैमरून से लगी सीमा पर गिरफ़्तार किया गया. गिरफ़्तारी के बाद नाइजीरिया के राष्ट्रपति ओलुसेगुन ओबासांजो ने चार्ल्स टेलर को तत्काल लाइबेरिया भेज दिए जाने का निर्देश दिया है. लाइबेरिया सरकार टेलर को दूसरे पड़ोसी देश सियरा लियोन भेजना चाहती है जहाँ युद्धापराध न्यायाधिकरण है. सियरा लियोन में स्थित इस न्यायाधिकरण में टेलर पर उस देश में कथित तौर पर गृहयुद्ध को भड़काने के लिए मुक़दमा चलाया जाना है. दबाव हाल के दिनों में टेलर को संयुक्त राष्ट्र युद्ध अपराध ट्राइब्यूनल को सौंपने के लिए नाइजीरिया पर दबाव बढ़ रहा था. वर्ष 1989 में लाइबेरिया में विद्रोह की शुरुआत करने वाले टेलर को वहाँ गृह युद्ध के लिए ज़िम्मेदार माना जाता है. वे वर्ष 1997 में राष्ट्रपति बने थे लेकिन वर्ष 2003 में उन्हें ये पद छोड़ना पड़ा और वे निर्वासन में चले गए. लाइबेरिया के पड़ोसी देश सिएरा लियोन, गिनी और आइवरी कोस्ट टेलर के शासनकाल के दौरान उनसे नाराज़ थे और आरोप लगाते थे कि लाइबेरिया उनके घरेलू मामलों में दख़ल दे रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें लाइबेरिया में सैकड़ों मरे | भारत और पड़ोस लाइबेरिया में संघर्ष तेज़20 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना लाइबेरिया पर निर्णय नहीं: बुश08 जुलाई, 2003 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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