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तिमोर में एक तिहाई सैनिक बर्ख़ास्त | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी तिमोर ने सेना में प्रोन्नति के नियमों और ख़राब कामकाजी हालात के विरोध में बिना अनुमति के ही छुट्टी पर गए लगभग एक तिहाई सैनिकों को बर्ख़ास्त कर दिया है. सैनिकों की माँग है कि वे सेना में 'भाई-भतीजावाद और अन्याय' को समाप्त करना चाहते हैं. ये सैनिक लगभग एक महीने से विरोध कर रहे थे और उन्होंने सरकारी जाँच कराने के राष्ट्रपति झाना गुसमाओ के वादे के बावजूद विरोध समाप्त करने से इनकार कर दिया था. पूर्वी तिमोर के पास लगभग 1400 सैनिकों वाली सेना है और उनमें से लगभग 600 सैनिकों को बर्ख़ास्त करना एक बड़ा झटका माना जा रहा है. पूर्वी तिमोर ने 1999 में इंडोनेशिया से आज़ादी हासिल की थी. विरोध प्रदर्शन में शामिल ज़्यादातर सैनिकों के बारे में कहा गया है कि वे 25 साल तक चले स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल हुए पूर्व विद्रोही हैं. यह स्वतंत्रता आंदोलन तब बंद हुआ था जब 1999 में संयुक्त राष्ट्र ने एक जनमतसंग्रह कराया था जिसके बाद पूर्वी तिमोर को इंडोनेशिया से आज़ादी दे दी गई थी. इनमें से बहुत से सैनिकों की शिकायत है कि उन्हें अतीत में किए गए बलिदान के बदले में वह सम्मान और पहचान नहीं मिली है जो मिलनी चाहिए थी. छोटा और ग़रीब देश पूर्वी तिमोर दुनिया का सबसे ताज़ा देश है लेकिन सिर्फ़ दस लाख की आबादी के साथ यह सबसे छोटा देश भी है.
इंडोनेशिया से आज़ादी मिलने के बाद भी पूर्वी तिमोर को ग़रीबी और सामाजिक समस्याओं से छुटकारा नहीं मिला है. संयुक्त राष्ट्र की हाल की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि हालाँकि पूर्वी तिमोर ने चार साल की अवधि में अच्छी प्रगति की है लेकिन अब उसके सामने बहुत गंभीर समस्याएँ हैं. उस क्षेत्र में यह सबसे ग़रीब देश है और इसकी लगभग 40 प्रतिशत आबादी ग़रीबी की रेखा से नीचे गुज़र-बसर करती है और कई सालों तक समस्याओं का सामना करने के बाद वहाँ तकनीकी रूप से कुशल लोगों की कमी है. इसकी वजह से विदेशी सलाहकारों की भरमार हो गई है जिसकी वजह से स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है क्योंकि उन्हें उम्मीद थी कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने जो मुश्किलें देखी थीं उनके बदले में कुछ सुविधाएँ मिलेंगी. | इससे जुड़ी ख़बरें इंडोनेशिया के 'अत्याचारों' का पुलिंदा21 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना पूर्वी तिमोर की पहली सालगिरह20 मई, 2003 | पहला पन्ना दुनिया भर में ख़तरे की घंटी16 मई, 2003 | पहला पन्ना तिमोर में नए राष्ट्र के निर्माण का कार्य 20 मई, 2002 | पहला पन्ना पूर्वी तिमोर में सरकार गठित19 मई, 2002 | पहला पन्ना पूर्वी तिमोर तस्वीरों में19 मई, 2002 | पहला पन्ना एक करिश्माई नेता की जीत 17 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना गुसमाओ राष्ट्रपति चुनाव जीते17 अप्रैल, 2002 | पहला पन्ना इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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