|
मानव तस्करी के लिए 35 साल की जेल | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में न्यूयॉर्क के संघीय न्यायालय ने विदेशों से लोगों को ग़ैरक़ानूनी रूप से बुलाने के काम में लगी चीनी मूल की एक महिला को 35 साल की जेल की सज़ा सुनाई है. न्यायालय को बताया गया कि चेंग चुई नामक महिला एक ऐसा नेटवर्क चलाती रही है जिसमें सैकड़ों लोगों को ग़ैरक़ानूनी रूप से मालवाहक जहाज़ों में भरकर अमरीका लाया गया है और इसमें लाखों डॉलर का वारा न्यारा हुआ है. 1993 में एक ऐसे ही मामले में लोगों को ग़ैरक़ानूनी रूप से लाने वाला जहाज़ अमरीकी तट पर डूब गया था जिसमें दस लोग डूब गए थे. 57 वर्षीय इस महिला पर लोगों की तस्करी करने और ग़ैरक़ानूनी रूप से धन इधर-उधर करने के आरोप साबित हुए हैं. चेंग चुई को सिस्टर पिंग के नाम से भी जाना जाता रहा है. उन्होंने अदालत से कुछ कम सज़ा देने की अपील की और कहा कि वह एक मेहनती आप्रवासी रही हूँ और मुझे अमरीका से बेहद लगाव है. न्यूयॉर्क के ज़िला जज ने माइकल मुकासी ने चेंग चुई के बयान को 'भरोसा नहीं करने वाला' बताते हुए इतनी सज़ा सुना दी जितनी क़ानून में इस तरह के अपराधों के लिए ज़्यादा से ज़्यादा रखी गई है. जज ने कहा कि इस महिला ने ऐसे लोगों का शोषण किया है जो बेहतर ज़िंदगी तलाश में अमरीका आने के लिए उतावले थे, उन्हें अमानवीय हालात में अमरीका लाया गया और वह भी ग़ैरक़ानूनी तरीके से. चेंग चुई को वर्ष 2000 में हांगकांग में गिरफ़्तार किया गया था. उससे पहले वह छह साल से फ़रार थीं. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||