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क्यूबा में असाधारण वेतन वृद्धि | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
क्यूबा के राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो ने कुछ ऐसे आर्थिक क़दमों की घोषणा की है जिनके बारे में उनका कहना है कि उनसे देश में सामाजिक समानता को बढ़ावा मिलेगा. इन क़दमों के तहत सरकारी कर्मचारियों का वेतन पचास प्रतिशत तक बढ़ाया जा रहा है और उच्च उत्पादकता के लिए बोनस भी देने की घोषणा की गई है. सरकारी पेंशन भी बढ़ाई गई है. लेकिन साथ ही बिजली का भारी इस्तेमाल करने वालों के लिए उसकी दरें 300 प्रतिशत तक बढ़ाई जा रही हैं. सरकार ने कहा है कि तेल की लगातार बढ़ती क़ीमतों और बिजली की कमी को देखते हुए उसकी दरों में बढ़ोतरी करना ज़रूरी हो गया है. लेकिन संवाददाताओं का कहना है कि बिजली की दरों में बढ़ोतरी से छोटे और निजी कारोबारियों पर ज़्यादा असर पड़ेगा. राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो ने इस वर्ग की हाल ही में यह कहते हुए आलोचना की थी कि वह नव धनाड्य वर्ग है जो क्यूबा के क्रांतिकारी सिद्धांतों को कम महत्व देता है. क्यूबा की कम्युनिस्ट पार्टी के दैनिक अख़बार का कहना है कि 23 साल के समय में बहुत से लोगों के लिए यह पहली वेतन वृद्धि होगी. जो कर्मचारी मास्टर्स तक पढ़े-लिखे होंगे उन्हें चार डॉलर प्रतिमाह तक का बोनस मिलेगा. डॉक्टरों को अतिरिक्त सात डॉलर मेलेंगे. हवाना में बीबीसी संवाददाता स्टीफ़न गिब्स का कहना है कि हो सकता है कि यह रक़म मामूली नज़र आती हो लेकिन क्यूबा में मुफ़्त निवास, स्वास्थ्य की देखभाल और शिक्षा की सुविधाओं के साथ प्रतिमाह औसत वेतन 15 डॉलर मिलता है. ऐसे में इस वेतन वृद्धि की बहुत महत्व है और इसका व्यापक स्वागत होगा. साथ ही देश में उन लोगों के ख़िलाफ़ अभियान छेड़ा जा रहा है जो ग़ैरक़ानूनी साधनों से धन कमाते हैं. राष्ट्रपति कास्त्रो ने सरकारी ख़ज़ाने को नुक़सान पहुँचाने वालों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने का इरादा ज़ाहिर किया है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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