|
शिमॉन पेरेज़ नेतृत्व की लड़ाई हारे | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इसराइल के वयोवृद्ध राजनीतिज्ञ और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता शिमॉन पेरेज़ लेबर पार्टी के नेतृत्व की लड़ाई हार गए हैं. 82 वर्षीय शिमॉन पेरेज़ को ट्रेड यूनियन नेता आमिर पेरेट्ज़ ने मामूली अंतर से हराया है. पार्टी के एक आयोग ने पेरेज़ के इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए आमिर पेरेट्ज़ को विजेता घोषित कर दिया कि चुनाव में धांधली हुई है. इस तरह के अनपेक्षित नतीजों का मतलब हो सकता है कि चुनाव जल्दी हों क्योंकि पेरेट्ज़ कह चुके हैं कि वह लेबर पार्टी को सत्तारुढ़ गठबंधन से बाहर निकालेंगे. शिमॉन पेरेज़ ने लेबर पार्टी को जनवरी 2005 में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल किया था. ग़ौरतलब है कि सत्तारूढ़ गठबंधन का नेतृत्व प्रधानमंत्री अरियल शेरॉन की लिकुद पार्टी कर रही है.
लेबर पार्टी ने फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा पट्टी से यहूदी बस्तियाँ हटाने की अरियल शेरॉन की योजना का समर्थन किया था. इस नीति से लिकुद पार्टी में भी मतभेद उभर पड़े थे और अगर लेबर पार्टी का समर्थन नहीं होता तो शेरॉन की यह योजना पूरी नहीं हो पाती. इसराइल में नवंबर 2006 में आम चुनाव होने हैं और शिमॉन पेरेज़ चाहते थे कि लेबर पार्टी तब तक सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ बनी रहे. लेकिन आमिर पेरेट्ज़ का कहना रहा है कि लेबर पार्टी को सत्तारूढ़ गठबंधन से बाहर निकलकर चुनाव जल्दी कराने के लिए काम करना चाहिए. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||