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शुक्रवार, 30 सितंबर, 2005 को 09:35 GMT तक के समाचार
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अल्जीरिया में शांति योजना को स्वीकृति
अल्जीरिया में मतदान
लगभग 97 प्रतिशत मतदाताओं ने सरकारी योजना का समर्थन किया है
अफ़्रीकी देश अल्जीरिया में हुए जनमत संग्रह में पिछले एक दशक से चरमपंथियों और सुरक्षाबलों के बीच जारी संघर्ष की समाप्ति के लिए लाई गई सरकार की योजना को मंज़ूरी मिल गई है.

अल्जीरिया के गृह मंत्रालय ने कहा है कि गुरूवार को हुए जनमत संग्रह में मत डालनेवाले 97 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने सरकारी योजना के पक्ष में मत डाला है.

इस योजना के तहत सरकार ने बड़ी संख्या में संघर्ष से जुड़े चरमपंथियों को क्षमादान देने की बात की है.

इनमें से अधिकतर गृहयुद्ध के दौरान हुई हत्याओं के आरोप में जेलों में बंद हैं.

लेकिन नरसंहार, सार्वजनिक स्थानों पर बमबारी और बलात्कार के मामलों से जुड़े लोगों को माफ़ी नहीं दी जाएगी.

अल्जीरिया में पिछले एक दशक से जारी संघर्ष में डेढ़ लाख से भी अधिक लोगों की जान जा चुकी है.

जनमत संग्रह

अल्जीरिया सरकार ने दशक पुराने संघर्ष की समाप्ति के लिए अपनी शांति योजना पर जनमत संग्रह करवाया लेकिन विपक्ष ने उसका बहिष्कार किया.

विपक्षी दलों का कहना था कि उचित न्याय के बिना सुलह नहीं हो सकती और इसलिए लोगों को जनमत संग्रह का बहिष्कार करना चाहिए.

लेकिन अल्जीरिया के गृहमंत्री का कहना है कि मतदान में 80 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले.

अल्जीरिया के गृह मंत्रालय के अनुसार अभी भी वहाँ चरमपंथी सक्रिय हैं जिनकी संख्या 1000 तक हो सकती है.

संघर्ष

अल्जीरिया में 1992 में इस्लामिक चरमपंथियों और सरकारी सुरक्षाबलों के बीच हिंसा शुरू हो गई जब अधिकारियों ने चुनाव रद्द कर दिया.

इस चुनाव में अल्जीरिया की प्रमुख इस्लामिक पार्टी इस्लामिक सैल्वेशन फ़्रंट जीतने जा रही थी.

1999 में भी अल्जीरिया में एक मिलता-जुलता जनमत संग्रह हुआ था जिसमें आंशिक क्षमादान पर मतदान करवाया गया.

अल्जीरिया की राजधानी अल्जीयर्स में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जनमत संग्रह में सरकार की योजना को मंज़ूरी मिलने के बावजूद देश की स्थिति बहुत अच्छी नहीं रहेगी.

संवाददाता के अनुसार अल्जीरिया, वहाँ के लोग और वहाँ की अर्थव्यवस्था बिल्कुल बदहाल है.

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