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अमरीकी जासूसी विमान दुर्घटनाग्रस्त | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी सेना का एक जासूसी विमान यू-2 दक्षिण पश्चिम एशिया में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है. अमरीकी सेंट्रल कमान ने ब़गदाद में बयान जारी कर यह जानकारी दी है कि मंगलवार की रात यह जासूसी विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है. अमरीकी सेना ने बताया कि विमान के चालक की इस दुर्घटना में मौत हो गई है. सेना के अनुसार यह विमान अफ़गानिस्तान में अमरीकी सैनिकों के एक मिशन में हिस्सा लेकर वापस लौट रहा था. विमान कहां गिरा और कैसे गिरा इसकी जानकारी नहीं दी गई. सेना के प्रवक्ता ने एपी से कहा कि "मेजबान देश की संवेदनशीलता" के मद्देनज़र दुर्घटनास्थल के बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती. यू -2 जासूसी विमान होता है जिसका इस्तेमाल शीतयुद्ध के दौरान अक्सर किया जाता था और इसे केवल एक पायलट चलाता है. क्षेत्रीय संवेदनशीलता कमान का कहना है कि दुर्घटना के कारणों के बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है. अमरीकी एयर फोर्स कैप्टन और सेंट्रल कमान के प्रवक्ता कैप्टन डेविड डब्लयू स्माल ने समाचार एजेंसी से कहा, "जहां दुर्घटना हुई है उस देश की संवेदनशीलता को देखते हुए दुर्घटनास्थल के बारे में जानकारी नहीं दी जा सकती है." समाचार एजेंसी एपी का कहना है कि अमरीकी सेंट्रल कमान मध्य पूर्व के क्षेत्र को दक्षिण पश्चिम एशिया क्षेत्र भी कहती है. जासूसी विमान यू 2 ज़मीन से 27 किलोमीटर ऊपर उड़ता है और इसी कारण पायलट को स्पेस सूट पहनना पड़ता है. शीत युद्ध के दौरान इस विमान के ज़रिए सैनिक ठिकानों की तस्वीरें ली जा सकती हैं. तुर्की के अदाना सैनिक अड्डे से इसे रुस के ख़िलाफ़ सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाता था. 1960 में रुस के ज़मीन से हवा में मार करने वाले प्रक्षेपास्त्रों ने एक अमरीकी यू 2 विमान मार गिराया था. पायलट गैरी पावर्स विमान से तो निकल गए मगर उन्हें दो साल तक जासूसी के आरोप में रुस में बंद रखा गया. क्यूबा में 1962 में सोवियत मिसाइलों के जमा होने की तस्वीरें भी यू 2 विमान ने ही ली थीं. |
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