BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 22 जून, 2005 को 23:58 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
14-वर्षीय दलित लड़की ने 'तलाक़' दिया
News image
तेलंगाना में बाल-विवाह की प्रथा आम है लेकिन पहली बार किसी दलित लड़की ने ये कदम उठाया
आंध्रप्रदेश में एक 14 वर्षीय दलित लड़की काफ़ी संघर्ष के बाद अपने 17 वर्षीय पति को 'तलाक़' देने में कामयाब हो गई है.

तेलंगाना क्षेत्र में बाल-विवाह की प्रथा आम है लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है कि इतनी कम उम्र की किसी लड़की ने इलाक़े के बड़े-बुज़ुर्गों को अपनी बात मानने पर बाध्य कर दिया.

सुशीला नाम की लड़की की दो साल पहले शादी हुई थी.

बीबीसी संवददाता उमर फ़ारूक़ के अनुसार सुशीला ने छह महीने पहले पुलिस से शिकायत की कि उनके पति ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया है.

लेकिन पति-पत्नी के अलग होने की बात आई तो इलाक़े के बड़े-बुज़ुर्गों ने इसका जमकर विरोध किया.

उनका कहना था कि वहाँ प्रचलित हिंदू रीति-रिवाज के मुताबिक तलाक़ नहीं हो सकता.

लेकिन सुशीला ने संघर्ष किया और कहा कि वे वापस स्कूल में पढ़ने के लिए जाना चाहती हैं.

उन्होंने धमकी दी कि यदि उनकी बात मानी नहीं गई तो वे आत्महत्या कर लेंगी.

इसके बाद लड़की और लड़के के गाँवों को बड़े-बुज़ुर्ग एकत्र हुए और घोषणा की कि दोनो का 'तलाक़' हो गया है.

एक पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दोनो पक्षों में एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर किए गए और लड़के के परिवार से कहा गया कि वह शादी के समय लड़की को दहेज में दिए गए आभूषण आदि लौटा दें.

एक ग़ैर-सरकारी संस्था एमवी फ़ाउडेशन, जिसने लड़की की पूरे मामले में सहायता की थी, अब उसे स्थानीय स्कूल में पढ़ाएगी.

इससे जुड़ी ख़बरें
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>