| इथियोपिया में 22 प्रदर्शनकारियों की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इथियोपिया में चुनावों में कथित धाँधली का विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिस गोलीबारी में कम से कम 22 लोग मारे गए हैं. राजधानी अदीस अबाबा के दो इलाक़ों में पुलिस ने पथराव कर रही भीड़ पर गोली चलाई. संवाददाताओं के अनुसार उन्होंने राजधानी के एक अस्पताल में 11 शव देखे. मृतकों में से चार को सिर में गोली मारी गई थी. दो अन्य अस्पतालों से भी 11 मौतों की ख़बर है. सरकार ने प्रदर्शनकारियों की मौत पर अफ़सोस ज़ाहिर करते हुए विपक्षी गठजोड़ कोलिशन फ़ॉर यूनिटी एंड डेमोक्रेसी को हिंसा के लिए दोषी ठहराया है. सूचना मंत्री बेरेकेट साइमन ने कहा, "सीयूडी ने हिंसा फैलाई है. उसे इसकी ज़िम्मेदारी लेनी होगी." उन्होंने कहा कि सात बसों को नष्ट कर दिया गया और अनेक दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में लूट मचाई गई है. चुनावी धाँधली के आरोप सीयूडी ने सप्ताह भर से जारी विरोध प्रदर्शनों की ज़िम्मेदारी लेने से इनकार किया है. इससे पहले प्रतिबंधों का उल्लंघन करने के आरोप में सैंकड़ो छात्रों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. इथियोपिया में तीन सप्ताह पहले हुए चुनाव के अंतिम परिणाम अभी तक घोषित नहीं किए जा सके हैं. चुनावों में धांधली की जाँच की जा रही है. हालाँकि अंतरिम परिणामों के अनुसार सत्तारूढ़ इथियोपियन पीपुल्स रिवॉल्युशनरी डेमोक्रेटिक फ़्रंट और उसके सहयोगी दलों ने 547 सदस्यीय संसद में 320 सीटें जीत चुकी है. विपक्षी गठजोड़ को 200 सीटें मिली हैं जबकि इससे पहले संसद में उसकी मात्र 12 सीटें थीं. |
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