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शुक्रवार, 29 अप्रैल, 2005 को 09:51 GMT तक के समाचार
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पिता बनने का फ़ायदा होगा केनेडी को ?
चार्ल्स केनेडी
स्काटलैंड में पले बढ़े केनेडी का स्वभाव थोड़ा आलस भरा है
लिबरल डेमोक्रेट नेता चार्ल्स केनेडी के पास इन चुनावों के दौरान एक ऐसा तुरुप का पत्ता था जो टोनी ब्लेयर या माइकल हॉवर्ड के पास हो नहीं सकता था.

चुनाव अभियान की शुरुआत होते ही आरोप प्रत्यारोप होने लगे और इस भ्रम की स्थिति में केनेडी के घर से ख़बर आई कि वो कुछ ही दिनों में पिता बनने वाले हैं.

इराक़ और घरेलू परिस्थितियों पर बहसबाज़ी से परेशान ब्रिटिश जनता को एक नेता की कुछ और तस्वीरें देखने को मिलीं. अपने दुधमुंहे बच्चे को गोद में लिए एक पिता की.

कुछ देर के लिए सही इस नन्ही जान ने लोगों में नई जान भर दी और लोग गंभीर मुद्दों से थोड़ा दूर हटे.

आतंकवाद विधेयक और केनेडी

केनेडी ने पिता बनते ही सिगरेट छोड़ने का वादा किया था लेकिन वो अपने इस वादे पर खरे नहीं उतरे हैं. उन्होंने सिगरेट पीना कम ज़रुर कर दिया है.

पार्टी का घोषणापत्र जारी करने के बाद केनेडी ने पिता बनने की खुशी मनाने के लिए 48 घंटों का अवकाश लिया. बच्चे की पैदाइश से पहले केनेडी ने बीबीसी के रेडियो 4 पर एक कार्यक्रम में कहा कि उनका बच्चा उनकी पहली प्राथमिकता होगी.

उनके इस बयान से कुछ हलकों में संदेह भी पैदा हुआ.

चार्ल्स केनेडी
कुछ ही दिनों पहले माता पिता बने केनेडी दंपत्ति

पार्टी के कुछ हलकों में वैसे भी उन पर आतंकवाद संबंधी विधेयक पर पार्टी को एकजुट नहीं रख पाने का आरोप लगता रहा है.

विधेयक पर हुए मतदान के दौरान केनेडी संसद से अनुपस्थित रहे जिसके बाद पार्टी की चुनाव रणनीति बनाने वाले लार्ड रेनार्ड को कहना पड़ा की समस्या हो रही है.

केनेडी के मस्तमौला स्वभाव की भी आलोचना होती रहती है. आलोचनाएं तब और मुखर हो गई जब पार्टी के एक सम्मेलन में भाषण के बाद केनेडी का चेहरा पीला पड़ गया और उनके पसीने छूटने लगे.

उनकी शराब की लत को लेकर जब आलोचना हुई तो केनेडी ने स्पष्ट किया कि उनके पेट में थोड़ी समस्या है.

अधिक तनाव नहीं लेने के अपने स्टाइल के बारे में एक बार केनेडी ने कहा था कि राजनीति इतना गंभीर विषय है कि इसे गंभीरता से नहीं लेना चाहिए और इसकी कई बातें ऐसी हैं जिस पर हंसा ही जा सकता है.

जवानी के समय में कई चैट शो और टेलीविज़न पर आने के कारण लोगों ने केनेडी का नाम चैटशो चार्ली भी रख दिया था.

जैसा कि स्काटिश लोग अपने रोबीले व्यक्तित्व और जुझारुपन के लिए जाने जाते हैं, चार्ल्स केनेडी में वैसा कुछ भी नहीं है. अपनी आलोचनाओं पर भी कभी उन्होंने गुस्से में कभी कोई टिप्पणी नहीं की.

टीवी पर प्रधानमंत्री से सवाल जवाब के एक कार्यक्रम में जब उनकी बारी आई सवाल पूछने की तो उन्होंने इराक़ के बारे में आराम से सवाल पूछे.

जहां लिबरेल डेमोक्रेट इराक़ के मुद्दे पर अधिक वोट जुटाने की उम्मीद कर रहे हैं वहीं केनेडी घरेलू मुद्दों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं.

कुछ लोगों का कहना है कि स्काटलैंड की सुनहरी वादियों में पले बढ़े केनेडी थोड़े शर्मीले हैं लेकिन जब वो अपनी बात रखते हैं तो पूरे तर्क के साथ लेकिन उस पर बहस में कभी गुस्साते नहीं.

जहां सारी पार्टियां जमकर चुनाव प्रचार में लगी हुई हैं वहीं केनेडी शायद दूसरी रणनीति पर काम कर रहे हैं. बच्चों के साथ फोटो खिंचवा कर अपने बच्चे के साथ भी वो चुनाव प्रचार कर सकते हैं और शायद इससे उन्हें वोट भी ज्यादा मिल जाएं.

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