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शुरुआत भले ही देर हो, आगे तेज़ी से बढ़े हॉवर्ड | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
माइकल हॉवर्ड के बारे में कहा जा सकता है कि उन्होंने राजनीति में थोड़ी देर से शुरुआत की. कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के अपने कंज़रवेटिव दोस्तों केन क्लार्क, जॉन गमर, लियोन ब्रिटन और नार्मन लामोंट की तरह वो संसदीय सीट आसानी से जीत नही सके. इसके लिए कई कारण गिनाए गए कि उनकी वकीलों जैसी छवि, यहूदी होना और साथ ही अविवाहित होना उन्हें नुकसान पहुंचा रहा है. इन सभी दिक्कतों के बावजूद जब 1983 में वो संसद में आए तो उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई. ख़ास कर जॉन मेजर के कार्यकाल में गृह मंत्री के रुप में उनके कार्यकाल को याद किया जाता है. परेशानियां हॉवर्ड की परेशानियां कम नहीं रही हैं. हॉवर्ड ने ही पोल टैक्स की शुरुआत की थी जो किसी को भी पसंद नहीं आया था. कानून व्यवस्था के क्षेत्र में कड़े नियमों के लिए मशहूर हॉवर्ड के कई प्रस्तावों को यूरोपीय अदालतों में गैर क़ानूनी माना गया है. हॉवर्ड की जेल मामलों के प्रमुख एन विडकॉम्ब से ज़बर्दस्त लड़ाई भी हुई और नतीजा हुआ कि 1997 के चुनावों में जनता ने कंज़रवेटिव पार्टी के ख़िलाफ़ जमकर वोट डाले.
इसी साल जब हॉवर्ड पार्टी नेतृत्व के लिए खड़े हुए तो आखिरी नंबर पर आए लेकिन अगले सात साल में हॉवर्ड कंज़रवेटिव के नेता बन गए. यह आश्चर्य से कम नहीं कहा जा सकता. इस दौरान लेबर पार्टी ने कंज़रवेटिव पार्टी के वोट बैंक यानी मध्यम वर्ग, तीस साल से अधिक उम्र के मतदाताओं पर अपना कब्ज़ा कर लिया था. हॉवर्ड ने कंज़रवेटिव पार्टी की नई छवि बनाने की कोशिश की. उसे आधुनिक, सामाजिक रुप से स्वीकार्य और देखभाल करने वाली पार्टी बनाने की कोशिश की. टोरी के स्पिन मास्टर लिंटन क्रासबी के साथ मिलकर हॉवर्ड ने उन मुद्दों को उठाने की कोशिश की जो लोगों की चिंता का कारण थे. पारिवारिक छवि आगे चलकर हॉवर्ड की छवि एक पारिवारिक नेता की बनी. आतंकवाद संबंधी विधेयक लाने के लिए उन्होंने जमकर बहस की और कहा कि अगर वो प्रधानमंत्री बने ब्रिटेन में शरण मांगने वाले लोगों के लिए कोटा प्रणाली लागू की जाएगी. हॉवर्ड के माता पिता भी ब्रिटेन के नहीं है बल्कि वे रोमानिया से आकर यहां बसे थे. उनके पिता की लानेली में कपड़ों की दुकान थी. यहीं से हॉवर्ड सांसद बने जो कि लेबर के प्रभाव वाला क्षेत्र था.
अपनी छवि सुधारने के लिए हॉवर्ड ने अपने परिवार को भुनाया. अपनी पत्नी सांद्रा को चुनाव अभियान में शामिल किया. टोरी पार्टी के कांफ्रेंस में वो अपने दो बच्चों और सौतेले बेटे को साथ लेकर गए. हॉवर्ड कई बार ऑस्वित्ज़ यातना शिविर में अपनी दादी की मौत का वर्णन करते हुए सार्वजनिक रुप से रो चुके हैं. हेलीकॉप्टरों से कूद कर उतरने और फुर्ती से चढ़ने की कोशिशों के ज़रिए खुद को चुस्त दुरुस्त दिखाने की कोशिश करने वाले इस नेता के वैकल्पिक कैबिनेट में ज्यादातर युवा लोग शामिल हैं. कंज़रवेटिव पार्टी ने हालांकि इराक़ युद्ध का समर्थन किया है लेकिन पार्टी लगातार प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर पर खुफ़िया रिपोर्टों के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाती रही है. इस मुद्दे पर कंज़रवेटिव जीतने की आस लगाए हुए तो नहीं है लेकिन वो उम्मीद कर रहे हैं कि इराक़ के मुद्दे पर बंटने वाले वोटों का फ़ायदा उन्हें ज़रुर होगा. हॉवर्ड की लोकप्रियता पिछले कुछ दिनों में बढ़ी ज़रुर है लेकिन कंज़रवेटिव पार्टी में लोगों का मानना है कि उनके जीतने की संभावना बहुत कम है. |
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