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बुधवार, 27 अप्रैल, 2005 को 17:23 GMT तक के समाचार
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स्पेन सीमा पर सैकड़ों भारतीय हिरासत में
स्पेन में विदेशी
अनेक देशों के लोग स्पेन में बसने की कोशिश कर रहे हैं
फ्रांस और स्पेन की सीमा पर स्थित पुलिस ने सैकड़ों ऐसे भारतीय और पाकिस्तानियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है जो स्पेन की सीमा में दाख़िल होने की कोशिश कर रहे थे.

दरअसल स्पेन ने अपने यहाँ अवैध रूप से काम कर रहे विदेशियों के लिए एक आम माफ़ी की घोषणा की है जिसके तहत अगस्त, 2004 से देश में काम कर रहे विदेशियों को स्थाई निवासी प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे.

यह आम माफ़ी सात फ़रवरी, 2005 से सात मई, 2005 तक चल रही है.

इसी आम माफ़ी का फ़ायदा उठाने के लिए बहुत से भारतीयों और पाकिस्तानियों ने स्पेन में दाख़िल होने की कोशिश की है जिन्हें पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है.

फ्रांस की सीमा पुलिस के अनुसार भारत और पाकिस्तान के सैकड़ों युवाओं ने स्पेन की इस आम माफ़ी का फ़ायदा उठाने के लिए ही स्पेन में घुसने की कोशिश की है.

हालाँकि यह आम माफ़ी उन्हीं लोगों के लिए फ़ायदेमंद साबित होगी जो स्पेन में किसी ठेके पर काम कर रहे हैं और अगस्त, 2005 से रह रहे हों.

लेकिन इन शर्तों और नियमों के बावजूद बहुत से भारतीय और पाकिस्तानियों ने पेरिस, जर्मनी और इटली से स्पेन में दाख़िल होने की कोशिश की है.

उन सबको उम्मीद है कि स्पेन का स्थाई निवासी प्रमाण-पत्र हासिल करने के बाद वह यूरोप में ज़िंदगी गुज़ार सकते हैं.

फ्रांस में भी ऐसे बहुत से लोग कई सालों से रह रहे हैं लेकिन उनके पास निवासी प्रमाण-पत्र नहीं है.

कुछ लोगों ने फ्रांस से कार के ज़रिए या पैदल ही स्पेन में दाख़िल होने की कोशिश की है लेकिन स्पेन पुलिस ने उन्हें रोक दिया है.

भाषा

स्पेन पुलिस ने ऐसे लोगों को वापस फ्रांस की पुलिस के हवाले कर दिया जो उनसे पूछताछ कर रही है.

फ्रांस-स्पेन सीमा पर भारतीय और पाकिस्तानी
इनमें से बहुत से लोगों को अंग्रेज़ी, फ्रेंच या स्पेनिश भाषा नहीं आती

पूछताछ इसलिए भी मुश्किल काम साबित हो रही है क्योंकि बहुत से लोग बताते हैं कि वे अंग्रेज़ी, फ्रेंच या स्पेनिश भाषा नहीं बोल सकते हैं. और पुलिस के पास हिंदी या उर्दू अनुवादक नहीं हैं.

इसका मतलब है कि पुलिस इन लोगों को अपने अधिकार नहीं बता सकता है और चारा यही बचता है कि उन लोगों को छोड़ देने के सिवाय कुछ नहीं किया जा सकता.

बीबीसी संवाददाता कैरोलीन व्याट का कहना है कि इनमें से बहुत से लोग स्पेन में दाख़िल होने की फिर से कोशिश कर सकते हैं.

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