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अमरीकी हवाई क्षेत्र होगा सख़्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने अपने हवाई क्षेत्र से उड़ने वाली सभी विदेशी विमान यात्री सेवाओं को तमाम यात्रियों के नामों की सूची मुहैया कराने के आदेश संबंधी प्रस्तावों की घोषणा की है. इन प्रस्तावों को सुरक्षा और कड़ी करने के उपायों का एक हिस्सा बताया जा रहा है. मौजूदा सुरक्षा नियमों के तहत सिर्फ़ उन्हीं विमान सेवाओं को यात्रियों की सूची मुहैया करानी होती है जो अमरीकी धरती पर उतरती हैं. इस महीने के आरंभ में अमरीकी अधिकारियों ने मैक्सिको जाने वाले एक डच विमान को उसमें सवार दो यात्रियों पर आपत्ति जताते हुए एम्सटर्डम वापस लौटने पर मजबूर कर दिया था. अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि इन नए उपायों से अमरीकी हवाई क्षेत्र पर विमानों का अपहरण करके अमरीकी इमारतों से टकराने की संभावनाओं को कम किया जा सकेगा जैसाकि 11 सितंबर 2001 को किया गया था. अमरीका के इन प्रस्तावों से यूरोप, कनाडा और मैक्सिको में अनेक विमान सेवाओं में नाराज़गी है. विमान सेवाओं का कहना है कि इन प्रस्तावों से अंतरराष्ट्रीय विमानन समझौतों पर असर पड़ सकता है. नीगरोपोंटे इस बीच अमरीका में एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में देश के वरिष्ठ राजनयिक जॉन नीगरोपोंटे को राष्ट्रीय ख़ुफ़िया सेवा के निदेशक की शपथ दिलाई गई है. यह पद पहली बार बनाया गया है और इसे संभालने वाले वह पहले व्यक्ति हैं.
सीनेट ने उनके नाम को प्रबल बहुमत से मंज़ूरी दी थी. राष्ट्रीय ख़ुफ़िया सेवा के तहत नीगरोपोंटे 15 अलग-अलग एजेंसियों के काम की निगरानी करेंगे जिनमें सीआईए भी शामिल है. राष्ट्रपति बुश ने इस मौक़े पर उम्मीद जताई कि नीगरोपोंटे के नेतृत्व में देश की ख़ुफ़िया सेवा ज़्यादा मज़बूत और एकीकृत होकर काम करेगी. राष्ट्रीय ख़ुफ़िया सेवा के निदेशक का पद हाल ही में कांग्रेस ने इन आलोचनाओं के बाद सृजित किया था कि देश की ख़ुफ़िया सेवाएँ 11 सितंबह 2001 के हमलों का पता लगाने में नाकाम रहीं. अपने 40 साल के राजनयिक जीवन में नीगरोपोंटे इराक़ और संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत के रूप में सेवा कर चुके हैं. |
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