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पुलिस को सुधारने के लिए किताबें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुनिया भर में अपराध की राजधानी के रुप में मशहूर मैक्सिको सिटी में पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि या तो वे हर महीने एक किताब पढ़ें या फिर अपना प्रमोशन भूल जाएँ. शहर के मेयर ने यह योजना लागू की है और वे मानते हैं कि इससे अधिकारियों के कामकाज में सुधार होगा. आमतौर पर माना जाता है कि मैक्सिको की पुलिस भ्रष्ट, अक्षम और आलसी है. मेयर लुईज सांचेज़ का मानना है कि यदि पुलिसकर्मियों का साहित्यिक स्तर बढ़ाया जाए तो उनके काम का स्तर भी ऊपर उठेगा. तो अब मैक्सिको पुलिस के सिपाहियों को अपने साथ पिस्तौल और हथकड़ी के साथ किताबें भी लेकर घूमते दिखाई देंगे. मेयर कहते हैं कि 1,110 पुलिसकर्मी इस योजना के सहारे बेहतर अधिकारी और इंसान बन सकेंगे. पुलिसकर्मियों को जो किताबें पढ़ने की सिफ़ारिश की गई है उनमें डॉन केहोटे, लैबरिन्थ ऑफ़ सॉलिट्यूड और लिटिल प्रिंस शामिल हैं. इसमें समस्या एक ही है कि पुलिसकर्मियों में से कई अर्ध शिक्षित हैं और 20 प्रतिशत लोग कभी प्राइमरी स्कूल से आगे गए ही नहीं. लेकिन मेयर का कहना है कि इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता और पढ़ने की शर्त से किसी को छुटकारा नहीं मिल सकेगा. ये जानने के लिए कि उन्होंने किताबें पढ़ी या नहीं उनकी समय समय पर परीक्षा ली जाएगी. |
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