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चीन के सुधारवादी नेता ज़ियांग का निधन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
चीन के पूर्व सुधारवादी कम्युनिस्ट नेता ज़ाव ज़ियांग का 85 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि ज़ियांग पिछले कई दिनों से बीजिंग के एक अस्पताल में कोमा में थे. ज़ियांग ने 1989 में थ्येन आनमन चौक पर छात्रों के लोकतंत्र के लिए किए गए आंदोलन का समर्थन किया था जिसके बाद से उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी ने घर में नज़रबंद कर रखा था. पिछले कुछ दिनों से थ्येन आनमन चौक पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. कहा जा रहा है कि सरकार को डर है कि ज़ियांग की मौत के बाद सुधारवादी कदमों के लिए फिर आंदोलन शुरू हो सकता है. लोकतंत्र समर्थक
संवाददाताओं के अनुसार चीनी नेतृत्व इस बात से चिंतित है कि च्यांग की मौत से लोकतांत्रिक सुधारों की मांग दोबारा न होने लगे. कई चीनी ज़ियांग को लोकतांत्रिक मूल्यों का प्रतीक मानते हैं. ज़ियांग की मौत को लेकर कुछ दिनों में अफवाह भी रही हैं. रिपोर्टें थीं कि ज़ियांग कुछ दिनों से मृत्यु शय्या पर पड़े हैं लेकिन उनकी मौत की ख़बर किसी को दी नहीं जा रही है. हांलाकि चीन की सरकार ने इन ख़बरों का खंडन किया था. इससे पहले 1976 में पूर्व चीनी प्रधानमंत्री चाउ एन लाइ की मौत और एक अन्य सुधारवादी नेता हु याओबागं की 1989 में हुई मौत के बाद प्रदर्शनकारी थिएन आन मन चौराहे पर जमा हो गए थे. |
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