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मोनसांतो पर 15 लाख डॉलर का जुर्माना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कृषि उत्पाद से जुड़ी अमरीकी रसायन कंपनी मोनसांतो इंडोनेशिया के एक अधिकारी को रिश्वत देने के मामले में 15 लाख डॉलर का जुर्माना भरेगी. कंपनी ने स्वीकार किया है कि दो साल पहले उसके कर्मचारियों ने अपने बीटी कपास के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव के अध्ययन को रुकवाने के लिए रिश्वत दिए थे. ज़ुर्माना देने के अलावा मोनसांतो इस बात के लिए भी तैयार हुई है कि अमरीकी अधिकारी अगले तीन साल तक उसके लेनदेन पर नज़र रखेंगे. मोनसांतो ने स्वीकार किया है कि उसके एक सीनियर मैनेजर ने एक इंडोनेशियाई सलाहकार कंपनी को इंडोनेशिया के पर्यावरण मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को 50 हज़ार डॉलर की रिश्वत देने का निर्देश दिया था. यह भी निर्देश दिया गया था कि रिश्वत की रकम को बही-खाते में सलाह शुल्क के रूप में दर्ज किया जाए. हालाँकि रिश्वत देने के बाद भी मोनसांतो को अपने कपास के पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभावों के अध्ययन से छूट नहीं मिल पाई थी. जाँच में सहयोग इंडोनेशिया के पर्यावरण कार्यकर्ता और किसान मोनसांतो के जीन परिवर्द्धित कपास का विरोध करते रहे हैं. मोनसांतो ने 1997 से 2002 के बीच अन्य कई अधिकारियों को रिश्वत देने की बात स्वीकार की है. कंपनी को अमरीकी न्याय विभाग और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग की जाँच का सामना करना पड़ा. दोषी पाए जाने के बाद अब वह ज़ुर्माने के रूप में न्याय विभाग को 10 लाख डॉलर और प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग को पाँच लाख डॉलर देने पर सहमत हुई है. मोनसांतो इस मामले की आगे की जाँच में पूरा सहयोग करने को भी तैयार हुई है. |
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