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चूहों ने अधिकारियों को झुकाया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मैक्सिको में चूहों ने एक नई मुसीबत खड़ी कर दी है और वहाँ के चूहे इतने घाघ हो गए हैं कि बिल्लियों से भी नहीं डरते. बात ये है कि मैक्सिको के एक दूरदराज़ के पहाड़ी गाँव में इतने चूहे हो गए हैं कि उन पर क़ाबू पाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित हो रहा है. उन चूहों की वजह से गाँव में हैजा फैल रहा है और स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि वहाँ चूहों को पकड़ने के लिए सैकड़ों बिल्लियाँ भेजे जाने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है. मैक्सिको के शिहुआहुआ राज्य के ऐतसा कादेरो के गाँव के बाशिंदों ने दो महीने पहले सरकार को लिखा था कि उनके क़रीब आठ सौ घरों में ढाई लाख से ज़्यादा चूहों ने तबाही मचा रखी है जिसकी वजह से वहाँ तावुन नाम का हैजा फैल रहा है. और ये चूहे इतने चालाक हो गए हैं कि आम ज़हर से भी नहीं मरते. तब सरकार ने इसके जवाब में लोगों से अपील की थी कि वो अपनी फालतू बिल्लियाँ सरकार को दान कर दें ताकि उन्हें चूहों के शिकार पर भेजा जा सके. सरकार का अंदाज़ा था कि इस दान से क़रीब सात सौ बिल्लियों का एक दस्ता जमा हो जाएगा लेकिन लोगों ने सिर्फ़ पचास बिल्लियाँ ही दान कीं और उनमें से बहुत सी गाँव में पहुँचते ही मर गईं. अब सरकार ने एतसा कादेरो गाँव के लोगों से कहा है कि वो जानें और ढाई लाख चूहें जानें. हम अब उन्हें सिर्फ़ चूहे मार ज़हर की आपूर्ति ही कर सकती है, बिल्लियाँ नहीं. इस बीमारी के नियंत्रण की देखरेख कर रहे अधिकारी अलबर्टो लेफ़ोन ने कहा कि गाँव वालों को अब चूहों के साथ ही गुज़र-बसर करनी होगी. लेकिन स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि ग्रामीणों के लिए अब भी उम्मीद की किरण बची है. अधिकारियों ने अब एक नई तरह का चूहे मार ज़हर तैयार करवाया है जो धीरे-धीरे असर करता है. अधिकारियों ने कहा कि जो ज़हर धीरे-धीरे असर करता है वो ज़्यादा असरदार भी होता है. |
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