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स्विस नागरिकों ने सुधार का विरोध किया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
स्विट्ज़रलैंड के नागरिकों ने नागरिकता क़ानून को कुछ लचीला बनाने का प्रस्ताव ख़ारिज कर दिया है. इस बारे में लोगों की राय लेने के लिए कराए गए मतदान के बाद शुरुआती नतीजे और एग्ज़िट पोल बता रहे हैं कि लोग इसके विरुद्ध हैं. अब भी ये प्रावधान लागू रहेगा कि सिर्फ़ देश में जन्म ले लेने भर से कोई उस देश का नागरिक नहीं हो सकता. इस वक़्त प्रावधान ये है कि सिर्फ़ वहाँ जन्म लेने भर से ही वहाँ की नागरिकता हासिल नहीं हो सकती यानी स्विट्ज़रलैंड के नागरिक की हैसियत हासिल करना एक लंबा और जटिल काम है, साथ ही काफ़ी महँगा भी. अब सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया को कुछ लचीला बनाए जाने की ज़रूरत है क्योंकि इसके जटिल होने से बहुत से लोग लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर रह जाते हैं. लेकिन दक्षिणपंथी पार्टियों ने एक अभियान चलाकर इसका विरोध किया जिसमें स्विट्ज़रलैंड में प्रत्यक्ष लोकतंत्र पर मतभेदों को उभारा गया है. नागरिकता स्विट्ज़रलैंड में नागरिकता के बारे में फ़ैसला स्थानीय स्तर पर होता है और ग्राम समितियों को यह अधिकार है कि वे नागरिकता अर्ज़ी को मंज़ूर या रद्द कर सकती हैं. स्विट्ज़रलैंड में प्रत्यक्ष लोकतंत्र की प्रक्रिया ये है कि राजनीतिक फ़ैसलों पर सीधे तौर पर लोगों को अंतिम अधिकार हैं लेकिन आलोचकों का यह भी कहना है कि इस व्यवस्था का दुरुपयोग भी होता है. क़रीब सत्तर लाख की आबादी वाले देश स्विट्ज़रलैंड में पंद्रह लाख विदेशी हैं. इनमें से ज़्यादातर ऐसे हैं जिनका जन्म स्विट्ज़रलैंड में ही हुआ या फिर लंबे अरसे से वहाँ रह रहे हैं. लेकिन उन्हें मताधिकार नहीं है और पुलिस जैसी कुछ चुनिंदा नौकरियों के लिए भी वे योग्य नहीं हैं. यूगोलास्विया या अफ्रीकी पृष्ठभूमि वाले बहुत से आवेदकों की अर्ज़ियाँ पहली नज़र में ही रद्द कर दी जाती हैं, भले ही वे पूरी तरह से योग्य हों और क़ानूनी ज़रूरतें भी पूरी करते हों. अब सरकार तीसरी पीढ़ी के आप्रवासियों के लिए नागरिकता हासिल करने की प्रक्रिया आसान बनाना चाहती है लेकिन दक्षिणपंथी पार्टियों ने सरकार के इस प्रस्ताव के ख़िलाफ़ व्यापक अभियान छेड़ दिया है. दक्षिणपंथी पार्टियों की दलील है कि इससे स्विस पहचान ही ख़तरे में पड़ जाएगी. उनके प्रचार अभियानों में पोस्टरों में दिखाया गया कि काले और भूरे हाथ स्विस पासपोर्ट को छीनने की कोशिश कर रहे हैं. ऐसे हालात में स्विट्ज़रलैंड की प्रमुख वामपंथी और मध्यमार्गी पार्टियों ने एक साझा बयान जारी कर मतदाताओं से दक्षिणपंथी पार्टियों के प्रचार के दवाब में आने से बचने को कहा था और दलील दी थी कि इस प्रचार से देश में सिर्फ़ डर और नफ़रत का माहौल बनेगा. |
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