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दुबई में समुद्र के बीच बसेगी नई दुनिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दुबई में समुद्र के अंदर एक नई दुनिया बसाने की एक भारी परियोजना चल रही है. समुद्र के अंदर ‘द वर्ल्ड’ नाम से 300 ऐसे टापू बन रहे हैं जो बनने के बाद दुनिया के नक्शे की तरह दिखाई देंगे. दुबई तट से चार किलोमीटर की दूरी पर बन रहे इन टापुओं के निर्माण का काम पिछले साल आरंभ हुआ था और इसके सन 2008 मे पूरे होने की संभावना है. बन जाने के बाद इन टापुओं को निवेशकों को बेचा जाएगा जो इसका उपयोग निजी ज़रूरतों या व्यवसाय के लिए कर सकते हैं. यह अनोखी योजना दुबई के शाही परिवार के एक सदस्य जनरल शेख़ मोहम्मद बिन राशिद अल मख़दूम के दिमाग की उपज हैं. जनरल शेख मोहम्मद दुबई के राजकुमार और संयुक्त अरब अमीरात के रक्षा मंत्री हैं. इस योजना का उदघाटन जनरल शेख़ मोहम्मद ने ही पिछले साल सितंबर महीने में किया था, और योजना पर तेज़ी से काम चल रहा है.
योजना के अध्यक्ष सुल्तान अहमद बिन सूलायम कहते हैं, “द वर्ल्ड के दो हिस्से समुद्र की सतह के ऊपर आ चुके हैं और बाक़ी टापुओं पर काम तेजी से चल रहा है.” उनका कहना है कि द वर्ल्ड जैसी विशाल योजना को सफल बनाने के लिए समय का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. सूलायम कहते हैं, “अब तक सब कुछ समय के हिसाब से चल रहा हैं बल्कि कुछ क्षेत्रों मे काम समय से पहले भी पूरा हुआ है.” अवसर ‘द वर्ल्ड’ का सबसे बड़ा आकर्षण यह है कि यह निजी टापू खरीदने वालों के लिए एक दुर्लभ मौक़ा है. ‘द वर्ल्ड’ परियोजना पर लगभग 100 करोड़ रूपए ख़र्च होंगे और इसे पूरा करने में चार वर्ष में लगेंगे. दुबई शहर से टापुओं के समूह तक और टापुओं के बीच का रास्ता तय करने के लिए मरीन ट्रांसपोर्ट का इंतज़ाम होगा. ‘द वर्ल्ड’ परियोजना का ठेका लेने वाली कंपनी नखिल के डॉक्टर वहीद अताउल्लाह कहते हैं, “हमें पिछले एक साल में इन टापुओं के कई खरीदार मिले हैं और हमें यकीन है कि और भी खरीदार सामने आएँगे." डॉक्टर अताउल्लाह कहते हैं कि उनको इस बात की अधिक उत्सुकता है कि खरीदार अपने-अपने टापू का किस तरह इस्तेमाल करेंगे, कोइ गोल्फ़ कोर्स बनाएगा तो कोई होटल. |
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