| ईरानी राजनयिक का इराक़ में अपहरण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
एक अरब टीवी चैनल पर इराक़ के विद्रोहियों ने कहा है कि उन्होंने ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक फ़रीदून जहाँनी का अपहरण कर लिया है. ईरान ने कहा है कि जहाँनी इराक़ के शिया बहुल धार्मिक शहर क़रबला में वाणिज्य दूतावास के प्रमुख का पद संभालने के लिए बग़दाद से रवाना हुए थे. दरअसल, पिछले हफ़्ते ही इराक़ की अंतरिम सरकार और ईरान के बीच एक समझौता हुआ था जिसमें तय हुआ था कि शियाओं के पवित्र शहर क़रबला में ईरान अपना एक वाणिज्य दूतावास खोलेगा. जहाँनी इसी वाणिज्य दूतावास के प्रमुख का पद संभालने बग़दाद से क़र्बला जा रहे थे जब उन्हें बंधक बना लिया गया. जहाँनी को बंधक बनाने वाले गुट ने अपना नाम “इस्लामी सेना” बताया है. संगठन ने अल अरबिया टीवी को बताया है कि जहाँनी का अपहरण इसीलिए किया गया क्योंकि वो "इराक़ में शियाओं और सुन्नियों के बीच नफ़रत पैदा करना चाहते थे." इराक़ के रक्षा मंत्री इस महीने के शुरू में ईरान के ख़िलाफ़ ऐसा ही आरोप लगा चुके हैं. ईरान के हज़ारों नागरिक हर सप्ताह क़रबला जाते हैं क्योंकि शिया क़रबला को सबसे पवित्र शहर मानते हैं क्योंकि वहाँ इमाम हुसैन और इमाम अब्बास का मज़ार है. तेहरान से बीबीसी संवाददाता के मुताबिक़, ईरान का कहना है कि वो इराक़ के अंदरूनी मसलों में कोई दख़ल नहीं दे रहा है और वो ये बात समझ नहीं पा रहे हैं कि उनके राजनयिक का अपहरण क्यों किया है. अभी तक अपहर्ताओं ने कोई माँग सामने नहीं रखी है. |
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