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पराग्वे में आग से लगभग 300 मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दक्षिण अमरीकी देश पराग्वे में एक सुपर बाज़ार में भीषण आग लगने से जान-माल का भारी नुक़सान हुआ है. पुलिस का कहना है कि राजधानी एसनसियोन में एक बड़े बाज़ार में लगी इस आग में लगभग 300 लोगों की जानें चली गई हैं और सैकड़ों अन्य ज़ख़्मी हो गए हैं. पुलिस ने मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका जताई है क्योंकि दमकल कर्मियों को मलबे में लगातार शव मिल रहे हैं. आग स्थानीय समय के अनुसार दोपहर को लगी और उस समय उस सुपर बाज़ार में भारी भीड़ थी ख़ासतौर से रविवार होने की वजह से बहुत से लोग ख़रीदारी कर रहे थे. सुपर बाज़ार की बहुमंज़िला इमारत देखते ही देखते मलबे के ढेर में बदल गई. ग़रीबी में आपदा इस आपदा ने पराग्वे की आपातकालीन सेवाओं पर भारी बोझ डाल दिया है, वैसे भी पराग्वे एक छोटा सा और ग़रीब देश है. पड़ोसी देश अर्जेंटीना ने चिकित्सा दल और अन्य मदद भेजी है. पुलिस को घायलों को अस्पताल पहुँचाने के लिए ट्रकों का सहारा लेना पड़ा क्योंकि पर्याप्त एंबुलेंस नहीं थीं.
लोगों से अस्पतालों को ज़रूरी चीज़ें दान करने की अपील की गई है और दमकल कर्मचारी जी जान एक करके राहत कार्यों में लगे हुए हैं. ख़बरों में कहा गया है कि आग से बचने के लिए लोगों को खिड़कियों का सहारा लेना पड़ा क्योंकि सुरक्षा गार्डों ने यह समझा की बाज़ार में लूटपाट हो रही है इसलिए उन्होंने दरवाज़े बंद कर दिए. दरवाज़े बंद करने से बहुत से लोग अंदर ही फँस गए और आग की भेंट चढ़ गए. सुपर बाज़ार के मालिक ने पुलिस की पूछताछ में इन आरोपों का खंडन किया है कि उसने लूटपाट की आशंका में दरवाज़े बंद करने के आदेश दिए थे. आग के कारणों का सही पता तो नहीं चला है लेकिन ऐसा बताया गया है कि आग की लपटें शुरू होने से पहले एक विस्फोट की आवाज़ सुनी गई. दमकल कर्मियों का कहना है कि किचन में रखी गैस से आग भड़की हो सकती है. राष्ट्रपति निकानोर दुआर्ते ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा कि यह बहुत ही दुखभरा वक़्त है. |
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