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इराक़ और सीरिया सहयोग के लिए तैयार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सीरिया ने कहा है कि वह इराक़ से लगने वाली अपनी सीमा पर सुरक्षा नियंत्रण बढ़ाएगा. दोनों देशों ने इस बारे में एक संयुक्त समिति गठित करने का फ़ैसला किया है. दोनों देशों की 600 किलोमीटर लंबी साझा सीमा है. इराक़ ऐसी आशंका जता चुका है कि उसके यहाँ विदेशी चरमपंथी सीरिया के रास्ते से आते हैं. संयुक्त समिति के गठन की घोषणा इराक़ी प्रधानमंत्री ईयाद अलावी की सीरिया यात्रा के दौरान की गई. अलावी ने राजधानी दमिश्क में सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद से मुलाक़ात की. सीरिया की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार राष्ट्रपति असद ने अलावी को आश्वासन दिया कि उनका देश इराक़ की क्षेत्रीय अखंडता कायम रखने के लिए हरसंभव मदद देगा. सहमति असद ने सद्दाम हुसैन शासन के ख़ात्मे के बाद सीरिया में सील की गई इराक़ी संपत्ति इराक़ को लौटाने पर भी सिद्धांतत: सहमति जताई. माना जाता है कि सीरियाई बैंकों में इराक़ के 50 करोड़ डॉलर से एक अरब डॉलर के बीच जमा हैं. अलावी की सीरियाई प्रधानमंत्री मोहम्मद नाजी ओतरी से भी मुलाक़ात हुई. ओतरी ने कहा कि उनकी सरकार इराक़ में स्थायित्व और सुरक्षा के हक़ में है. उन्होंने कहा कि सीरिया इराक़ में सीमापार आतंकवाद के ख़िलाफ़ है. |
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