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गुरुवार, 22 जुलाई, 2004 को 13:17 GMT तक के समाचार
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सवाल-जवाब: 9-11 आयोग
11 सितंबर, न्यूयॉर्क
11 सितंबर के हमलों से दुनिया हिल गई थी
अमरीका में 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों की जाँच के लिए अमरीकी संसद ने एक आयोग का गठन किया.

अपनी 20 महीने की छानबीन में आयोग ने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश सहित एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की गवाही ली. इसके अलावा आयोग ने 20 लाख से ज़्यादा दस्तावेज़ों को भी खँगाला. आयोग 22 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले अंतरिम रिपोर्टों को जारी कर चुका है.

आयोग का अधिकार क्षेत्र क्या है?
'अमरीका में आतंकवादी हमले के बारे में राष्ट्रीय आयोग' या 'नाइन-इलेवन कमीशन' का गठन वर्ष 2002 के उत्तरार्द्ध में अमरीकी संसद ने किया. इसे 11 सितंबर 2001 के हमलों की पूर्ण जानकारी जुटाने और भविष्य में ऐसे हमलों से बचने के लिए सुझाव देने को कहा गया.

आयोग की जाँच के प्रमुख विषय हैं:
- अल क़ायदा संगठन और हमले की योजना
- व्यापक आतंकवादी नेटवर्क और चरमपंथी संगठनों की फ़ंडिंग
- अमरीकी सीमा, उड्डयन और परिवहन सुरक्षा
- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख़ुफ़िया सूचनाओं का संग्रह और विश्लेषण
- अंतरराष्ट्रीय कूटनीति
- आतंकवाद के ख़िलाफ अंतरराष्ट्रीय और अमरीकी रणनीति
- हमलों की स्थिति में आपात व्यवस्था

आयोग अंतिम रिपोर्ट से पहले क्या-क्या प्रकाशित कर चुका है?
आयोग ने अंतिम रिपोर्ट देने से पहले 17 स्टॉफ़ स्टेट्समेंट्स या आरंभिक रिपोर्ट प्रकाशित किए हैं.

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आयोग की अध्यक्षता रिपब्लिकन प्रतिनिधि थॉमस कीन ने की

इनमें बताया गया है कि अपचालक कैसे अमरीका पहुँचे, कैसे चार विमानों का अपहरण किया, 11 सितंबर से पहले हुई आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयाँ, ख़ुफ़िया संस्थाओं की भूमिका और आपातकालीन तैयारियाँ.

आयोग की इस रिपोर्ट को ख़ूब प्रचार मिला कि उसे इराक़ और अल-क़ायदा के आपसी संबंधों के बारे में कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला.

इसकी कुछ अंतरिम रिपोर्टों में राष्ट्रपति बुश को भी आड़े हाथों लिया गया.

आयोग में किन्हें शामिल किया गया?
9-11 कमीशन को अधिकतम विश्वसनीयता दिलाने के लिए इनमें अमरीका के दोनों मुख्य राजनीतिक दलों को बराबर का प्रतिनिधित्व दिया गया, यानी पाँच रिपब्लिकन और पाँच डेमोक्रेट. अध्यक्षता रिपब्लिकन प्रतिनिधि और न्यू जर्सी के पूर्व गवर्नर थॉमस कीन को सौंपी गई, और डेमोक्रेट प्रतिनिधि ली हैमिल्टन को उपाध्यक्ष बनाया गया. आयोग के कामकाज़ में मदद के लिए 80 पूर्णकालिक कर्मचारी लगाए गए.

आयोग के सामने किन लोगों ने गवाही दी?
आयोग ने 10 देशों के एक हज़ार से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की. पहले 10 दिनों की सार्वजनिक सुनवाई में ही इसके सामने छोटे-बड़े 110 अधिकारी और विशेषज्ञ उपस्थित हुए.

सुनवाई के दौरान इस साल मार्च में व्हाइट हाउस के पूर्व सुरक्षा प्रभारी रिचर्ड क्लार्क ने यह आरोप लगा कर सनसनी फैला दी कि बुश प्रशासन ने आतंकवाद के मुक़ाबले में ढिलाई बरती.

राष्ट्रपति बुश, उपराष्ट्रपति डिक चेनी, विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल, पूर्व विदेश मंत्री मैडलिन अलब्राइट, रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड, पूर्व रक्षा मंत्री विलियम कोहेन और सीआईए के तत्कालीन प्रमुख जॉर्ज टेनेट आयोग के सामने उपस्थित होने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे. आयोग ने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व उपराष्ट्रपति अल गोर से भी बात की.

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस ने आयोग के समक्ष सार्वजनिक गवाही देने से पहले तो इनकार किया, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी और 11 सितंबर के हमलों में हताहत लोगों के परिजनों के भारी विरोध के बाद उन्हें झुकना पड़ा.

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