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सवाल-जवाब: 9-11 आयोग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका में 11 सितंबर 2001 को हुए हमलों की जाँच के लिए अमरीकी संसद ने एक आयोग का गठन किया. अपनी 20 महीने की छानबीन में आयोग ने राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश सहित एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की गवाही ली. इसके अलावा आयोग ने 20 लाख से ज़्यादा दस्तावेज़ों को भी खँगाला. आयोग 22 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रकाशित करने से पहले अंतरिम रिपोर्टों को जारी कर चुका है. आयोग का अधिकार क्षेत्र क्या है? आयोग की जाँच के प्रमुख विषय हैं: आयोग अंतिम रिपोर्ट से पहले क्या-क्या प्रकाशित कर चुका है?
इनमें बताया गया है कि अपचालक कैसे अमरीका पहुँचे, कैसे चार विमानों का अपहरण किया, 11 सितंबर से पहले हुई आतंकवाद विरोधी कार्रवाइयाँ, ख़ुफ़िया संस्थाओं की भूमिका और आपातकालीन तैयारियाँ. आयोग की इस रिपोर्ट को ख़ूब प्रचार मिला कि उसे इराक़ और अल-क़ायदा के आपसी संबंधों के बारे में कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला. इसकी कुछ अंतरिम रिपोर्टों में राष्ट्रपति बुश को भी आड़े हाथों लिया गया. आयोग में किन्हें शामिल किया गया? आयोग के सामने किन लोगों ने गवाही दी? सुनवाई के दौरान इस साल मार्च में व्हाइट हाउस के पूर्व सुरक्षा प्रभारी रिचर्ड क्लार्क ने यह आरोप लगा कर सनसनी फैला दी कि बुश प्रशासन ने आतंकवाद के मुक़ाबले में ढिलाई बरती. राष्ट्रपति बुश, उपराष्ट्रपति डिक चेनी, विदेश मंत्री कॉलिन पॉवेल, पूर्व विदेश मंत्री मैडलिन अलब्राइट, रक्षा मंत्री डोनल्ड रम्सफ़ेल्ड, पूर्व रक्षा मंत्री विलियम कोहेन और सीआईए के तत्कालीन प्रमुख जॉर्ज टेनेट आयोग के सामने उपस्थित होने वाले प्रमुख व्यक्तियों में शामिल थे. आयोग ने पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व उपराष्ट्रपति अल गोर से भी बात की. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार कोंडोलीज़ा राइस ने आयोग के समक्ष सार्वजनिक गवाही देने से पहले तो इनकार किया, लेकिन डेमोक्रेटिक पार्टी और 11 सितंबर के हमलों में हताहत लोगों के परिजनों के भारी विरोध के बाद उन्हें झुकना पड़ा. |
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