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मंगलवार, 20 जुलाई, 2004 को 04:29 GMT तक के समाचार
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ब्राज़ील में 'दास प्रथा' बरक़रार
दास प्रथा दर्शाती एक तस्वीर
ग़ुलामों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक़ किया जाता है.
अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की ओर से करवाए गए एक ताज़ा अध्ययन से पता चला है कि ब्राज़ील में इस वक़्त कम से कम पच्चीस हज़ार लोग ग़ुलामी की ज़िंदगी बिता रहे हैं.

बीबीसी को मिली इस अप्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वहाँ इन मजदूरों के साथ जानवरों से भी बदतर सलूक किया जा रहा है.

इनमें से ज़्यादातर अमेज़ॉन इलाक़े में जंगल काटकर धरती पर फसल उगाने और भूमि को जानवरों को चराने योग्य बनाने में लगे हुए हैं.

इस रिपोर्ट में ये कहा गया है कि इसके लिए ज़िम्मेदार लोगों में राजनीति से संबंध रखने वाले उच्च वर्ग के ज़मींदार हैं.

बंधुआ मज़दूरी

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन की इस अप्रकाशित रिपोर्ट में बताया गया है कि किस तरह 21वीं शताब्दी में भी 'दासों' के साथ जानवरों से भी बुरा सलूक़ किया जा रहा है.

उसके मुताब़िक बंधुआ मज़दूरों को रोज़ तड़के से सूरज ढलने तक काम करना पड़ता है. रहने के लिए उनके पास छोटी-छोटी झोंपड़ियाँ हैं और खाना खाने के लिए टिन के कैन, जो पहले कीटनाशक रखने के काम में लाए जाते थे.

ज़्यादातर बंधुआ मज़दूर कर्ज़ न चुका पाने के कारण अपने कर्ज़दारों के 'दास' बनने पर मजबूर हो गए हैं. ज़मींदारों ने कई हथियारबंद लोगों को भी रखा हुआ है जिससे ये दास उनकी कैद से भाग न सकें.

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 30 साल में पारा राज्य में 500 से भी ज़्यादा ग्रामीण मज़दूर इनके हाथों मारे जा चुके हैं. मतलब ये कि पूरे देश में हुई हत्याओं पर नज़र डाली जाए तो इसकी औसत 26 गुना ज़्यादा है.

राजनेता और जज

हालाँकि इस रिपोर्ट में दास प्रथा की रोकथाम के लिए ब्राज़ील की सरकार के प्रयासों की सराहना भी की गई है.

लेकिन साथ ही ये भी कहा गया है कि जहाँ मसला राजनीतिक नेता और न्यायाधीशों के पद पर बैठे ज़मींदारों का आ जाता है, वहाँ रास्ते में अड़चने आती हैं.

शायद यही वजह है कि कई प्रस्तावित कानून ब्राजील की संसद में अटके पड़े हैं.

एक तरह से देखा जाए तो इस रिपोर्ट का निशाना अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन ही है क्योंकि वह इस बुराई से लड़ने में असफल रहा है.

अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन के प्रवक्ता का कहना है कि इस रिपोर्ट को दबाया नहीं जा रहा है. बल्कि कुछ समय बाद इसे 'दास प्रथा' पर एक विस्तृत रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा.

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