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हांगकांग में लोकतंत्र के लिए बड़ा प्रदर्शन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हांगकांग में लोकतंत्र समर्थक एक बड़ा प्रदर्शन कर रहे हैं. वे हांगकांग में ज़्यादा लोकतंत्र चाहते हैं. दूसरी ओर चीन ने स्पष्ट रुप से कहा है कि हांगकांग में निकट भविष्य में पूरी तरह लोकतंत्र की स्थापना की कोई गुंजाइश नहीं है. हांगकांग के चीन के नियंत्रण में आने की सातवीं वर्षगाँठ पर आयोजित इस रैली में समय से पहले ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठे हो गए और उनकी रैली समय से पहले ही शुरु हो गई. सफ़ेद टी शर्ट पहने हुए ये लोग हांगकांग के मुख्यकार्यकारी अधिकारी तुंग चीहवा को हटाने की मांग कर रहे हैं. प्रदर्शनकारी चाहते हैं कि 2007-8 में हांगकांग का नया नेता चुनने का अधिकार जनता को दिए जाने की भी मांग कर रहे हैं. आयोजक इतनी बड़ी संख्या में लोगों के आने की उम्मीद नहीं कर रहे थे जितनी बड़ी संख्या में लोग वहाँ एकत्रित हो गए हैं. हालांकि बीबीसी के संवाददाता का कहना है कि पिछले साल चीन के नए सुरक्षा क़ानूनों के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में जितने लोग एकत्रित हुए थे उतने लोग इस रैली में नहीं आए हैं. उल्लेखनीय कि पिछले साल आज के ही दिन हुई रैली में पाँच लाख से भी अधिक लोगों ने भाग लिया था. चीन ने पिछले सालों में वहाँ कई कड़े और विवादास्पद राजनीतिक क़दम उठाए हैं. निकट भविष्य में हांगकांग ने लोकतंत्र की पूरी तरह स्थापना से इंकार करते हुए चीन ने कहा है कि चीन की निंदा करने वालों को गद्दार माना जाएगा. जबकि हांगकांग में बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जो मानते हैं कि चीन ने अपने उस वादे को तोड़ा है जिसमें उसने कहा था कि चीन और हांगकांग के लिए दो अलग तरह की शासन पद्धति अपनाई जाएगी. इसमें हांगकांग में लोकतंत्र लागू करना शामिल था. |
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