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गुरुवार, 17 जून, 2004 को 02:12 GMT तक के समाचार
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'दस विमानों के अपहरण की योजना थी'
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला
आयोग के अनुसार वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले के लिए ओसामा बिन लादेन ने योजना बदल दी थी
ग्यारह सितंबर 2001 को अमरीका में हुए हमलों की जाँच कर रहे अमरीकी आयोग ने कहा है कि पहले योजना दस विमानों के अपहरण और ज़्यादा सरकारी इमारतों पर हमले की थी.

गुरुवार की शाम अंतिम जन-सुनवाई करने जा रहे आयोग ने कहा है कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हमले के लिए अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने इस योजना को ख़ारिज कर दिया था.

जबकि आयोग को दी गई अपनी रिपोर्ट में अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसियों ने कहा है कि अल क़ायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन इस योजना पर एक साल पहले अमल करना चाहते थे.

कई महीनों के परीक्षण और दस देशों में एक हज़ार से अधिक लोगों से बात करने के बाद आयोग ने अल क़ायदा, ओसामा बिन लादेन और उन लोगों के बारे में ढेर सारी जानकारियाँ एकत्रित की हैं जिन्होंने विमानों का अपहरण कर हमले किए थे.

ये हमले न्यूयॉर्क, वाशिंगटन और पेन्सिलवानिया में किए गए थे.

योजना

ख़ालिद शेख मोहम्मद
ख़ालिद शेख मोहम्मद को पिछले साल गिरफ़्तार किया गया था
कहा गया है कि इन हमलों की योजना ख़ालिद शेख मोहम्मद की थी, जो पिछले एक साल से अमरीक़ा की क़ैद में है.

यह माना जा रहा है कि ख़ालिद शेख मोहम्मद से की गई पूछताछ से यह जानकारी सामने आई है.

आयोग की आरंभिक रिपोर्ट में कहा गया है कि ख़ालिद शेख मोहम्मद चाहते थे कि दस विमानों का अपहरण किया जाए और उन्हें व्हाइट हाउस, पेंटागन, एफ़बीआई और सीआईए के मुख्यालयों सहित कई सरकारी इमारतों पर हमला किया जाए.

आयोग का कहना है कि वे ख़ुद भी एक विमान का अपहरण करना चाहते थे.

उसमें सवार सभी पुरुष यात्रियों को मारकर महिलाओं को बच्चों को रिहा करने के बाद वे अमरीकी टेलीविज़न पर एक संदेश देना चाहते थे जिसमें मध्य-पूर्व में अमरीकी नीति की निंदा की जाए.

आयोग का कहना है कि वर्ल्ड ट्रेड सेंटर और पेंटागन पर हमले के लिए ओसामा बिन लादेन ने उनकी इस योजना को ख़ारिज कर दिया था.

खर्च

अपनी रिपोर्ट में आयोग ने यह भी कहा है कि हमले की इस पूरी योजना में चरमपंथी संगठनों को कोई पाँच लाख डॉलर का ख़र्च आया होगा लेकिन इस हमले से कुल आर्थिक नुक़सान सौ अरब डॉलर तक पहुँच गया.

आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन हमलों की योजना अफ़ग़ानिस्तान के प्रशिक्षण शिविरों में बनाई गई जहाँ हमले के लिए प्रशिक्षित किए जा रहे लोगों से कहा जाता था कि वे अमरीका को हिलाने के लिए डरा देने वाले तरीक़े सोचें.

इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि अल क़ायदा और पूर्व इराक़ सरकार के बीच संबंध के कोई सुबूत नहीं हैं.

इस रिपोर्ट में आयोग ने कहा है कि हालांकि कई गिरफ़्तारियों और अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान सरकार को हटाने के बाद भी पश्चिमी देशों को अल-क़ायदा से बड़ा ख़तरा है.

पायलट तैयार नहीं थे

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमला
रिपोर्ट के अनुसार पायलट समय पर तैयार हो गए होते तो हमला बड़ा होता
अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसिंयों ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ओसामा बिन लादेन ने एक साल पहले हमला करना चाहते थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि यह हमला इसलिए टाल दिया गया क्योंकि विमानों को सरकारी इमारतों पर टकराने के लिए पायलट तैयार नहीं हो सके.

कुछ पायलट अपनी ट्रेनिंग पूरी नहीं कर सके और कुछ तो अंग्रेज़ी बोलना भी नहीं सीख सके.

ख़ुफ़िया एजेंसियों का कहना है कि यदि पायलट समय पर तैयार हो जाते तो हमला ज़्यादा जगहों पर और ज़्य़ादा बड़ा होता.

एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि ओसामा बिन लादेन अभी भी अमरीका पर परमाणु हथियारों, रासायनिक और जैविक हथियारों से हमला करना चाहते हैं.

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