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कार्रवाई में 80 अफ़ग़ान 'चरमपंथी' मरे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में अमरीकी सेना का कहना है कि पिछले तीन सप्ताह की लड़ाई में 80 से ज़्यादा संदिग्ध चरमपंथी मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिण पूर्वी भाग में राजधानी काबुल से लगभग 100 किलोमटर दूर अमरीकी सेना की कार्रवाई चल रही है. बताया गया है कि मारे जाने वाले लोग तालेबान या अल क़ायदा के लड़ाके या फिर हिज़्बे-इस्लामी के चरमपंथी थे. कंधार में अफ़ग़ान सेना के एक कमांडर ख़ान मोहम्मद का कहना था कि अधिकतर चरमपंथी अमरीकी सेना के विमानों से की गई गोलीबारी में मारे गए. इस कार्रवाई में 2000 से ज़्यादा अमरीकी मरीन सैनिक संदिग्ध तालेबान और अल क़ायदा लड़ाकों की खोज में जुटे हुए हैं. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में इस कार्रवाई को लेकर अमरीकी सेना और तालेबान दोनो काफ़ी प्रचार भी कर रहे हैं. तालेबान ने भी इस सप्ताह कई अमरीकी सैनिकों को मार गिराने का दावा किया है लेकिन अमरीकी सेना ने इस दावे का खंडन किया है. |
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