|
कचरे में मिले डॉलरों पर तकरार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कूड़े में फेंके गए 50 हज़ार डॉलर को लेकर अर्जेंटीना में विवाद खड़ा हो गया है. उत्तरी अर्जेंटीना की एक दुकानदार ने कचरे की सफ़ाई करने वाले एक व्यक्ति के ख़िलाफ़ मुक़दमा दायर कर दिया है. दुकानदार एमिला मास्कोए ने कहा कि उनकी नौकरानी ने ग़लती से एक डिब्बा कचरे के ढेर में डाल दिया था जिसमें डॉलर थे, अब एमिला की कोशिश रक़म वापस पाने की है. सफ़ाई करने वाले को यह डिब्बा मिला और उसने पूरी रक़म ख़ुशी-ख़ुशी रख ली, पाव्लो अल्टोमीरानो ने इस रक़म को ख़र्च करने में भी देरी नहीं की. पाव्लो ने इस रक़म से एक मकान, दो कारें और एक दुकान ख़रीद लीं. अर्जेंटीना के क़ानून के मुताबिक़ 50 हज़ार डॉलर वापस पाना दुकानदार के लिए संभव नहीं लगता, ख़ास तौर पर ऐसे में जबकि रक़म ख़र्च की जा चुकी है. पाव्लो एक ग़रीब व्यक्ति हैं जो कचरा बीनकर ही अपनी ज़िंदगी चलाते रहे हैं लेकिन कचरे के ढेर ने अब उनकी क़िस्मत बदल दी है. पाव्लो की तरह कचरा चुनने वाले लोग अर्जेंटीना में बड़ी तादाद में हैं और वहाँ आर्थिक मंदी आने के बाद इस काम के सहारे जीवन चलाने वालों की संख्या और बढ़ी है. सत्तर वर्षीया एमिला को शक तब हुआ जब उनके पड़ोस में ही रहने वाले पाव्लो की जीवनशैली अचानक बदल गई. एमिला ने अपनी नौकरानी को घर में बना स्टोररूम साफ़ करने को कहा और वे ख़ुद भूल गईं कि वहाँ एक डिब्बे में 50 हज़ार डॉलर छिपाए गए हैं. अर्जेंटीना के मध्यवर्गीय मुहल्ले में पड़ोसियों के दो गुट बन गए हैं, कुछ लोग एमिला को रक़म वापस दिए जाने की बात कर रहे हैं तो कुछ लोग पाव्लो का साथ दे रहे हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||