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मंगलवार, 01 जून, 2004 को 07:50 GMT तक के समाचार
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ग़ाज़ी अल-यावर होंगे इराक़ के राष्ट्रपति
ग़ाज़ी अल यावर और अदनान पचाची
ग़ाज़ी अल यावर और अदनान पचाची दोनों नामों पर खींचतान हो रही थी
इराक़ में राष्ट्रपति पद को लेकर कई दिनों तक चले खींचतान के बाद आख़िर ग़ाजी अल-यावर का राष्ट्रपति बनना तय हो गया है.

संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि लखदर ब्राहिमी ने इसकी पुष्टि कर दी है.

इस बीच इराक़ की प्रशासनिक परिषद ने ख़ुद को भंग कर दिया है और सारे अधिकार मनोनीत अंतरिम सरकार को सौंप दिए हैं.

ग़ाज़ी अल-यावर इराक़ के अंतरिम प्रशासनिक परिषद की पहली पसंद थे.

ब्राहिमी ने एक वक्तव्य में कहा है कि इब्राहिम जाफरी और रॉश शॉवेस उपराष्ट्रपति पद के लिए मनोनीत किए गए हैं.

हालांकि अमरीकी प्रशासन ने पूर्व विदेश मंत्री अदनान पचाची को अपनी पसंद बताया था लेकिन उन्होंने यह पद लेने से इंकार कर दिया.

बताया गया है कि इराक़ी परिषद के ज़्यादातर सदस्यों ने यावर का समर्थन किया.

परिषद के सदस्य महमूद ओथमान का कहना है कि इस फ़ैसले की अधिकृत घोषणा मंगलवार की शाम तक की जाएगी.

नए राष्ट्रपति को 30 जून से कामकाज संभालना होगा जब अमरीकी प्रशासन इस अंतरिम सरकार को सत्ता सौंपेगा.

इराक़ी परिषद भंग

अमरीका ने इराक़ का प्रशासन संभालने के लिए जिस प्रशासनिक परिषद का गठन किया था उसे भंग कर दिया गया है.

परिषद को भंग करने का निर्णय ख़ुद परिषद ने लिया है.

इराक़ी प्रशासनिक परिषद ने अपने सारे अधिकार मनोनीत अंतरिम सरकार को सौंप दिए हैं.

समझा जा रहा था कि यह परिषद कम से कम 30 जून तक काम करती रहेगी क्योंकि इसी तारीख़ तक अमरीकी प्रशासन को अंतरिम सरकार को इराक़ की सत्ता सौंपनी है.

हालांकि अमरीकी प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा है कि अमरीकी नेतृत्व वाला गठबंधन इस महीने के अंत तक काम करता रहेगा.

दखलंदाजी का आरोप

ग़ाज़ी अल यावर
इराक़ी परिषद की पसंद ग़ाज़ी अल यावर सिविल इंजीनियर हैं
इस मामले को लेकर इराक़ी परिषद और अमरीकी प्रशासन के बीच खींचतान चलती रही.

मतभेद के चलते ही अंतरिम शासकीय परिषद की सोमवार को होने वाली बैठक टाल दी गई थी.

अमरीका की नियुक्त की हुई इस परिषद में इस बात को लेकर ग़ुस्सा था कि राष्ट्रपति की नियुक्ति में अमरीका ज़्यादा दख़लअंदाज़ी कर रहा है.

ख़बरें थीं कि परिषद की बैठक को अमरीका के कहने पर स्थगित किया गया था.

शासकीय परिषद के बहुत से सदस्य चाहते हैं कि परिषद के मौजूदा मुखिया ग़ाज़ी अल यावर को ही राष्ट्रपति बनाया जाए लेकिन इस पर अमरीकी सहमत नहीं थे.

अमरीकी प्रशासन अंतिम समय तक अदनान पचाची को राष्ट्रपति बनाने की कोशिश करता रहा.

ग़ाज़ी अल यावर अमरीकी गठबंधन की सुरक्षा नीतियों के आलोचक रहे हैं.

ईयाद अलावी को इराक़ी शासकीय परिषद ने हाल ही में नया प्रधानमंत्री मनोनीत किया है.

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