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इराक़ में राष्ट्रपति के चुनाव पर मतभेद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में नया राष्ट्रपति चुनने के लिए बुलाई जाने वाली अंतरिम शासकीय परिषद की सोमवार को होने वाली बैठक टाल दी गई है. अमरीका की नियुक्त की हुई इस परिषद में इस बात को लेकर ग़ुस्सा है कि राष्ट्रपति की नियुक्ति में अमरीका ज़्यादा दख़लअंदाज़ी कर रहा है. ख़बरें हैं कि परिषद की बैठक को अमरीका के कहने पर स्थगित किया गया है और अब यह बैठक मंगलवार को बुलाई गई है. शासकीय परिषद के बहुत से सदस्य चाहते हैं कि परिषद के मौजूदा मुखिया ग़ाज़ी अल यावर को ही राष्ट्रपति बनाया जाए लेकिन इस पर अमरीकी सहमत नहीं हैं. ग़ाज़ी अल यावर अमरीकी गठबंधन की सुरक्षा नीतियों के आलोचक रहे हैं. परिषद के बहुत से सदस्यों का कहना है कि अमरीकी उन पर यह दबाव डाल रहे हैं कि पूर्व विदेश मंत्री अदनान पचाची को राष्ट्रपति चुना जाए. बग़दाद में बीबीसी संवाददाता का कहना है कि हो सकता है ऐसे हालात में किसी तीसरे व्यक्ति को राष्ट्रपति बनाने पर सहमति हो जाए. लेकिन इससे अमरीका की इस कोशिश को धक्का लगेगा कि नई सरकार का गठन आम सहमति से किया जा रहा है. ईयाद अलावी को इराक़ी शासकीय परिषद ने हाल ही में नकया प्रधानमंत्री मनोनीत किया है. अमरीका ने कहा है कि वह 30 जून को सत्ता इराक़ियों को ही सौंप देगा. |
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