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प्राथमिक शिक्षा पाने वाले 84 वर्षीय मारुगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कीनिया के किमानी नगंगा मारुगे प्राथमिक शिक्षा पाने वाले दुनिया के सबसे अधिक उम्र के व्यक्ति बन गए हैं. 'गिनेस बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स' ने 84 वर्षीय मारुगे को प्राथमिक शिक्षा पाने वाले सबसे ज़्यादा उम्र के व्यक्ति के तौर पर अपनी सूची में शामिल किया है. कीनिया में 2003 में प्राथमिक शिक्षा मुफ़्त किए जाने के फ़ैसले के बाद मारुगे ने जनवरी में पढ़ाई शुरु की. मारुगे परदादा हैं और उनके 30 पोते-पोतियों में से दो उनके ही स्कूल में पढ़ते हैं लेकिन वे स्कूल में उनसे अगली श्रेणियों में हैं. वे स्कूली शिक्षा इसलिए नहीं पा सके क्योंकि जब वे कम उम्र के थे तो वे 1950 के दशक में अंग्रेज़ों के ख़िलाफ़ विद्रोह में जुटे हुए थे. 'अच्छे छात्र' उनका कहना है कि उनका शिक्षा पाने का एक मकसद ये भी है कि वे अंग्रेजों के ख़िलाफ़ लड़ाई के बदले में मिलने वाले मुआवज़े की राशि को गिन पाएँ. उनका ये भी कहना है कि वे पढ़ाई-लिखाई के बाद बाइबिल पढ़ना चाहते हैं. राहत संस्था हैल्पेज इंटरनेशनल के अनुसार, "मारुगे ने अंग्रेज़ी, गणित और स्वाहिली भाषा की परीक्षा अच्छे नंबरों से पास की है." शिक्षकों और छात्रों को सलाह देने के लिए मारुगे के स्कलू के मुख्याध्यापक उनकी काफ़ी प्रशंसा करते हैं. |
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