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उत्तर कोरिया में रेल टक्कर:हज़ारों हताहत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
उत्तर कोरिया में ईंधन से भरी दो रेलगाड़ियों की भयंकर टक्कर हुई है जिसमें कम से कम तीन हज़ार लोगों के हताहत होने की ख़बर है. दक्षिण कोरिया के टेलीविज़न ने ख़बर दी है कि उत्तर कोरिया की राजधानी प्योंगयांग से क़रीब पचास किलोमीटर उत्तर में चीन और उत्तर कोरिया के सीमावर्ती इलाक़े में यह धमाका हुआ है. कहा गया है कि यह विस्फोट स्थल से क़रीब नौ घंटे पहले उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग गुज़रे थे. किम जोंग अपने परमाणु कार्यक्रम के बारे में चीन के साथ चर्चा के बाद स्वदेश लौट रहे थे. दक्षिण कोरिया की योन्हप समाचार एजेंसी का कहना है कि जिन दो रेलगाड़ियों में टक्कर हुई उनमें गैसोलीन और गेस भरी हुई थीं. उन रेलगाड़ियों में स्थानीय समय के अनुसार 1300बजे टक्कर हुई. लेकिन हताहतों के बारे में अभी कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिली है क्योंकि उत्तर कोरिया अपने यहाँ होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में कम ही जानकारी बाहर जाने देता है. समाचार एजेंसी योन्हप का कहना है कि उसने इस दुर्घटना की जानकारी चीन और उत्तर कोरिया के सीमावर्ती इलाक़े में मौजूद कुछ लोगों के हवाले से दी है. एजेंसी ने एक सूत्र के हवाले से कहा, "रेलगाड़ियों की टक्कर से स्टेशन इस तरह ध्वस्त हो गया जैसे उस पर भारी बमबारी की गई हो और मलबा आसमान में काफ़ी ऊँचाई तक बिखरता हुआ देखा गया." दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में मौजूद बीबीसी संवाददाता केविन किम का कहना है इस विस्फोट के बारे में यह भी कहा जा रहा है कि यह उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग की हत्या का प्रयास भी हो सकता है. हालाँकि बीबीसी संवाददाता का यह भी कहना है कि ऐसी अफ़वाहों को दक्षिण कोरियाई अधिकारियों ने यह कहते हुए ख़ारिज कर दिया कि यह सिर्फ़ एक दुर्घटना थी. |
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