| साइप्रस को फिर एक करने की योजना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तीस साल पहले हुए साइप्रस के विभाजन को रद्द करके देश को फिर से एक करने की एक योजना संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफ़ी अन्नान ने पेश की है. उनका कहना है कि चाहे इससे सब मुद्दे हल नहीं होंगे लेकिन इससे यूनानी और तुर्की समुदायों के मुख्य मुद्दे सुलझाए जा सकेंगे. इस योजना पर जनमत संग्रह 24 अप्रैल को कराया जाएगा जिसमें दोनो समुदायों के लोग भाग लेंगे. साइप्रस के यूनानी और तुर्क नेताओं के साथ कई दिन तक हुई बातचीत के बाद इस योजना की घोषणा हुई है. यूनानी नेताओं ने इस योजना का स्वागत तो किया है लेकिन कुछ मुद्दों पर चिंता भी व्यक्त की है. अन्नान का कहना था कि ये एक ऐतिहासिक घड़ी है और कई मौक़े पहले ही खोए जा चुके हैं. उनका कहना था कि साइप्रस के नेताओं के सामने यही विकल्प है कि वे या तो इस योजना को स्वीकार कर लें या फिर समस्या का कोई भी हल नहीं निकल सकेगा. अमरीका पहले ही कोफ़ी अन्नान के प्रयास की सराहना कर चुका है. तुर्की के प्रधानमंत्री तैयप्प अरदोगान ने स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है और केवल इतना कहा है वे जनमत संग्रह का स्वागत करते हैं. |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||