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शनिवार, 20 मार्च, 2004 को 08:18 GMT तक के समाचार
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नामी अमरीकी पत्रकार ने झूठी ख़बरें दीं
अख़बार
पत्रकारों के एक जाँच दल ने कैली की ख़बरों की जाँच के बाद कहा है कि उनकी कई ख़बरों में झूठ था
वे अमरीकी अख़बार यूएसए टुडे के स्टार पत्रकार हैं. वे पाँच बार अपनी 'शानदार ख़बरों' के लिए पत्रकारिता के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार पुलित्ज़र के लिए नामित हो चुके हैं.

लेकिन अब इस अख़बार ने कहा है कि उनके स्टार संवाददाताओं में से एक जैक कैली ने कई बड़ी ख़बरों में मनगढ़ंत बातें लिखी थीं.

भारत और पड़ोस के संबंध में जैक कैली को इस लिए याद किया जा सकता है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के एक इंटरव्यू को लेकर 2001 में बड़ा विवाद हो चुका है.

यूएसटुडे ने कहा है कि उसे इस बात के पुख़्ता सबूत मिले हैं कि उनकी ख़बरों में प्रत्यक्षदर्शियों का ज़िक्र किया गया था लेकिन वह ख़बर ग़लत थी.

उनमें कुछ आत्मघाती हमले की ख़बरें भी थीं.

जैक केली ने जनवरी में स्वीकार किया था कि उन्होंने संपादकों को गुमराह किया था और इसके बाद उन्होंने इस्तीफ़ा दे दिया था.

झूठ की जाँच

पत्रकारों के एक दल ने सात हफ़्तों तक जैक केली की 720 ख़बरों की जाँच की जो उन्होंने पिछले दस सालों में यूएसए टुडे के लिए लिखीं थीं.

जाँच दल ने पाया कि कम से कम आठ बड़ी ख़बरें ऐसी थीं जिसमें उन्होंने प्रतिद्वंद्वी प्रकाशनों से सामग्री लेकर उनका उपयोग कर लिया था.

इनमें एक ख़बर 2001 में यरुशलम में हुए आत्मघाती हमले की थी, जिसमें उन्होंने एक प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से ख़बर लिखी थी.

इस ख़बर के लिए उन्हें पुलित्ज़र पुरस्कार के लिए नामित किया गया था लेकिन जाँच दल ने पाया कि जिस व्यक्ति को उन्होंने हमलावर बताया था वह निर्दोष भी हो सकता था.

दूसरी ख़बर एक महिला की थी जो क्यूबा से बोट से भागते हुए मारी गई थी. जाँच दल को पता चला कि इस ख़बर के लिए जैक कैली ने जिस महिला की तस्वीर का उपयोग किया था वह क्यूबा के एक होटल की कर्मचारी थी जो अब भी जीवित है.

2003 में किया गया कैली का यह दावा भी झूठा निकला कि वे ओसामा बिन लादेन की तलाश में निकले थे.

पाकिस्तान का विवाद

2001 में परवेज़ मुशर्रफ़ के एक इंटरव्यू को लेकर विवाद खड़ा हो गया था.

जैक कैली का दावा था कि इस इंटरव्यू में जनरल मुशर्रफ़ ने कहा था कि वे कॉलिन पॉवेल से कहने वाले हैं कि यदि अफ़ग़ानिस्तान से मुल्ला उमर को हटा लिया गया तो ओसामा बिन लादेन को ''भागते फिरना'' पड़ेगा.

परवेज़ मुशर्रफ़ की ओर से कहा गया था कि उन्होंने कभी यूएसए टुडे और सीबीएस रेडियो को कोई इंटरव्यू नहीं दिया और न कोई ऐसी बात कही.

हालांकि यूएसए टुडे अपनी ख़बरों पर क़ायम था.

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