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नक्सलियों का समानांतर प्रशासन का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के सबसे बड़े माओवादी गुरिल्ला संगठन पीपुल्स वार ग्रुप ने सात राज्यों के एक बड़े इलाक़े में समानांतर सरकार चलाने का दावा किया है. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में संगठन के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि उनके क़ब्ज़े वाला क्षेत्र बांग्लादेश से दुगुने आकार का है. कॉमरेड सागर के नाम से सक्रिय पीपुल्स वार ग्रुप के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि संगठन के नियंत्रण वाले इलाक़े में पिछले कुछ वर्षों के दौरान भूमि सुधार कार्यक्रम लागू किए जा रहे हैं. नक्सली नेता ने कहा कि पीपुल्स वार ग्रुप के क़ब्ज़े में आंध्र प्रदेश, उड़ीसा, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल के अलावा महाराष्ट्र के भी कुछ इलाक़े हैं. 'अर्द्ध-स्वतंत्र' कॉमरेड सागर ने इन इलाक़ों को 'अर्द्ध-स्वतंत्र' बताया. उन्होंने दावा किया कि माओवादी संगठन की आर्थिक ज़रूरतें मुख्य रूप से उसके क़ब्ज़े वाले इलाक़ों से मिलने वाले भू-राजस्व से पूरा होता है. कॉमरेड सागर ने स्वीकार किया कि शहरी क्षेत्रों में संगठन का उतना ज़्यादा प्रभाव नहीं है. उल्लेखनीय है कि भारतीय गृह मंत्रालय की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के दिनों में पीपुल्स वार ग्रुप का प्रसार हुआ है. पिछले दिनों इस संगठन ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पर हमला किया था जो कि नाकाम रहा. |
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