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बुधवार, 03 मार्च, 2004 को 08:14 GMT तक के समाचार
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जॉन केरी - जीवन और नीतियाँ
जॉन केरी
केरी मैसाचुसेट्स से चौथी बार सेनेट पहुँचे हैं
अमरीका के राष्ट्रपति चुनाव में उतरने को तैयार लग रहे जॉन एफ़ केरी के हीरो रहे हैं अमरीका के 35 वें राष्ट्रपति जॉन एफ़ केनेडी.

और संयोगवश दोनों के बीच कम-से-कम दो दिलचस्प समानताएँ हैं.

दोनों के नामों को छोटा करें तो वे बन जाते हैं - जे एफ़ के.

वैसे केनेडी के नाम का एफ़ फ़िट्ज़गेराल्ड है तो केरी के नाम का एफ़ फ़ोर्ब्स.

दूसरी समानता ये है कि सेनेट में जॉन एफ़ केरी उसी मैसाचुसेट्स राज्य के प्रतिनिधि हैं जहाँ से केनेडी सेनेटर हुआ करते थे.

कहा ये जा रहा है कि केरी का व्यक्तित्व वैसा करिश्माई नहीं है जैसा कि केनेडी का हुआ करता था.

मगर ये भी कहा जा रहा है कि केरी अमरीका के 43वें राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यु बुश को टक्कर देनेवाले एक तगड़े डेमोक्रेट प्रतिद्वंद्री साबित हो सकते हैं.

परिवार

केरी का जन्म 11 दिसंबर 1943 को कोलोरैडो के एक सैनिक अस्पताल में हुआ.

उनके पिता एक राजनयिक थे और जन्म के कुछ ही समय बाद केरी का परिवार मैसाचुसेट्स में जाकर बस गया.

जॉन केरी और टेरेसा हेंज़ केरी
जॉन केरी की पत्नी टेरेसा हेंज़ बड़े अमीर परिवार से आती हैं

जॉन केरी एक कैथोलिक ईसाई हैं मगर उनके परिवार की जड़ें यहूदियों से भी जुड़ती हैं और ये बात हाल ही में सामने आई.

केरी के दादा का असली नाम फ़्रित्ज़ कोहन था और वे चेक गणराज्य के एक यहूदी परिवार में जन्मे थे.

1907 में कोहन अमरीका आ गए और उन्होंने अपना नाम बदलकर केरी रख लिया.

वे एक सफल व्यवसायी थे मगर बाद में एक होटल के कमरे में उन्होंने आत्महत्या कर ली थी.

केरी ने दो बार शादी की और दोनों ही बार काफ़ी अमीर महिलाओं से.

पहली पत्नी जूलिया थॉर्न से उनकी दो बेटियाँ हैं और अभी पत्नी टेरेसा हेंज़ केरी से उनके तीन बेटे हैं.

पढ़ाई

स्विट्ज़रलैंड और न्यू हैंपशर के नामी स्कूलों में पढ़ाई के बाद जॉन केरी क़ानून की पढ़ाई के लिए येल विश्वविद्यालय गए.

उन्होंने उसी येल विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की है की है जहाँ से दो साल बाद 1968 में जॉर्ज बुश ने डिग्री ली.

पढ़ाई पूरी करने के बाद केरी नौसेना में चले गए.

वियतनाम लड़ाई का योद्धा

जॉन केरी
केरी को वियतनाम युद्ध में कई पदक मिले

केरी ने वियतनाम युद्ध में हिस्सा लिया और वे मेकॉंग डेल्टा में एक गनबोट के कैप्टन थे.

उन्होंने यहाँ एक वियतनामी सैनिक को ख़ुद मार डाला और तीन बार घायल भी हुए.

केरी को लड़ाई में अपनी बहादुरी के लिए कई पदक मिले.

मगर वियतनाम से अमरीका आकर उन्होंने वियतनाम में लड़ने के सरकार के फ़ैसले पर सवाल उठाए.

उन्होंने तब सेनेट की विदेशी मामलों की समिति के सामने कहा था,"आप कैसे किसी आदमी से ये कह सकते हैं कि एक ग़लती के लिए वह अपनी जान दे दे?".

वियतनाम युद्ध में अपने योगदान के मामले में केरी, बुश पर भारी पड़ सकते हैं क्योंकि बुश पढ़ाई के बाद टेक्सास में एयर नेशनल गार्ड में भर्ती हो गए थे जिसने वियतनाम युद्ध में सक्रिय तौर पर हिस्सा नहीं लिया था.

वक़ालत और राजनीति

वियतनाम युद्ध से लौटकर केरी ने बोस्टन विश्वविद्यालय से क़ानून की डिग्री ली और फिर उन्होंने मिडलसेक्स काउंटी में वक़ालत शुरू कर दी.

केरी अभियोग पक्ष के एक सख़्त वक़ील माने जाते थे और संगठित अपराध के ख़िलाफ़ उन्होंने कड़े क़दम उठाए.

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जॉन केरी ने राजनीति में उतरने से पहले वक़ालत की

आगे चलकर वे राजनीति में भी उतरे और 1972 में उन्होंने हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव पहुँचने की कोशिश की मगर सफल नहीं हो सके.

1982 में वे मैसाचुसेट्स के लेफ़्टिनेंट गवर्नर बने और 1984 में वे यहीं से सेनेट के लिए चुने गए.

इसके बाद 1990, 1996 और 2002 में भी यहाँ से सेनेट के लिए निर्वाचित हुए.

नीतियाँ

घरेलू नीतियों के मामले में जॉन केरी को उदार माना जाता है मगर विदेश नीति के मामले में वे थोड़े परंपरावादी हैं.

वे अमरीका सरकार की इराक़ नीति को सही नहीं मानते मगर इसके बावजूद 2002 में उन्होंने सैनिक कार्रवाई के पक्ष में वोट दिया.

1991 में कुवैत से इराक़ी सेना को बाहर करने के वे विरोधी थे.

मगर अफ़ग़ानिस्तान, कोसोवो, सोमालिया, हेती और पनामा में सैनिक हस्तक्षेप का उन्होंने समर्थन किया.

घरेलू मंच पर पर्यावरणवादी हैं, गर्भपात समर्थक हैं और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करना चाहते हैं.

वे समलैंगिकों के यूनियन बनाने का समर्थन करते हैं मगर समलैंगिकों के विवाह का विरोध करते हैं.

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