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विस्फोट के पीछे चेचन विद्रोहीः पुतिन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शुक्रवार को मॉस्को की भूमिगत रेलगाड़ी में हुए विस्फोट के लिए चेचन विद्रोहियों को ज़िम्मेदार बताया है. इस विस्फोट में कम से कम 39 लोग मारे गए हैं और सौ से ज़्यादा घायल हुए हैं. राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि उन्हें किसी सबूत या पुष्टि की ज़रूरत नहीं बल्कि वह इस बारे में बिल्कुस आश्वस्त हैं कि इस विस्फोट के पीछे विद्रोही नेता अज़लान मस्ख़ादोव और उनके लड़ाकों का हाथ है. दूसरी तरफ़ विद्रोहियों ने भी इस विस्फोट को एक अपराध बताते हुए इसकी निंदा की है और इसमें अपना कोई हाथ होने से साफ़ इनकार किया है. पुलिस ने इसे एक आत्मघाती हमला बताया है और कहा कि हमलावर शायद एक महिला थी. धमाका सुबह के व्यस्त समय में हुआ जब रेलगाड़ियों में भारी भीड़ रहती है. सैकड़ों यात्रियों को जीवित बचा लिया गया है.
हादसे में जीवित बचे लोगों का कहना है कि विस्फोट के बाद बड़ी आग लग गई और धुँए के बादल से नज़र आने लगे जो ज़मीन के ऊपर भी देखे जा सकते थे. ज़्यादातर घायलों की हड्डियों में चोट लगी है, कुछ के अंदर साँस के ज़रिए धुँआ चला गया है और जलने से गंभीर घाव भी बन गए हैं. राहत और बचाव कार्यों के लिए पचास से ज़्यादा एंबुलेंस भेजी गई हैं और सैकड़ों कर्मी और डॉक्टर लगे हुए हैं. हेलिकॉप्टरों की भी मदद ली जा रही है. विस्फोट के कारणों का अभी पता नहीं चला है लेकिन रूसी अधिकारियों का कहना है कि वे "आतंकवादी" हाथ होने की संभावना से इनकार नहीं करते." विस्फोट और फिर उससे आग लगने से घायल हुए कुछ लोग किसी तरह अपनी जान बचाने के लिए स्टेशन से बाहर निकलने में कामयाब हुए. स्टेशन के पास ही एक दुकान में काम करने वाली महिला का कहना था कि वहाँ दिल दहला देने वाला नज़ारा था और बचावकर्मियों को घायलों को अस्पताल पहुँचाने में काफ़ी मुश्किल हुई. "हमने उन्हें अनेक शव ले जाते हुए देखा और बहुत से ऐसे लोग भी थे जो ख़ून से लथपथ थे." महिला ने बताया कि ख़ून से लथपथ एक आदमी वहाँ आया और उसने बताया कि उसने रेलगाड़ी में कुछ हथियार देखे थे और बस कुछ ही लम्हों बाद सबकुछ बदल गया. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि मॉस्को में हर दिन 90 लाख से ज़्यादा लोग भूमिगत रेलगाड़ी का प्रयोग करते हैं इसलिए इस घटना से लोगों में डर फैलने की आशंका है. पहले भी मॉस्को की भूमिगत रेलगाड़ियों पर पहले भी हमले होते रहे हैं और कम से कम तीन बार इसको निशाला बनाया जा चुक है. 1977 में अमरीकी पृथकतावादियो ने एक बम विस्फोट किया था जिसमें सात लोग मारे गए थे और 32 घायल हुए थे. 1996 में एक बम धमाके में चार लोग मारे गए थे और 12 घायल हुए थे. फ़रवरी 2001 में भी रेलगाड़ी में एक धमाका हुआ था जिसमें कुछ लोग घायल हुए थे. |
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