|
पत्नी की हत्या के बाद आत्महत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक डॉक्टर दंपति ने एक बच्चे सहित आत्महत्या कर ली और अब उनका एक बेटा जीवित है जिससे पुलिस पूछताछ करके इस हादसे का पता लगाने की कोशिश कर रही है. जाँचकर्ता अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि डॉक्टर जय प्रकाश चिटी ने अपनी पत्नी डॉक्टर अनुपमा दमेरा को क्यों मारा. डॉक्टर दमेरा के शव पर चाकू के घाव पाए गए. बाद में डॉक्टर जयप्रकाश ने अपने दो वर्ष के एक बेटे के साथ क़रीब 160 फुट ऊँचे पुल से नीचे छलाँग लगा दी और वहीं उनकी मौत हो गई. पुलिस ने 41 वर्षीय डॉक्टर जयप्रकाश और उनके दो वर्षीय बेटे प्रणव के शव पिछले रविवार को सफोक में ओरवेल नदी के किनारे इप्सविच से बरामद किए. उसके थोड़ी ही देर बाद पुलिस को 36 वर्षीय डॉक्टर अनुपमा दमेरा का शव भी पास से ही बरामद हुआ. इस दंपति का एक 11 वर्षीय बेटा अणि अपने घर पर सही सलामत था. पुलिस अब अणि से पूछताछ करके यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस परिवार में यह दुखद हादसा क्यों हुआ लेकिन फिलहाल तो अणि को सांत्वना देने की कोशिश की जा रही है क्योंकि वह सदमे में है. अणि इस वक़्त वेस्ट मिडलैंड में अपने कुछ रिश्तेदारों के पास है. जाँचकर्ता सुपरिंटेंडेंट रॉय लैंबर्ट ने कहा कि सही वक़्त आने पर कुछ ख़ास अधिकारी अणि से बातचीत करेंगे. "फिलहाल तो हम अणि की देखभाल के बारे में चिंतित हैं. लेकिन वह इस हादसे के बारे में कुछ ठोस जानकारी दे सकता है." डॉक्टर दंपति डॉक्टर जयप्रकाश चिटि और उनकी पत्नी डॉक्टर अनुपमा दमेरा दोनों ही इप्सविच अस्पताल में काम करते थे.
यह अनुमान लगाया गया है कि डॉक्टर जयप्रकाश ने पहले अपनी पत्नी की जान ले ली और उसके बाद ख़ुद अपने बेटे के साथ ऊँचे पुल से छलाँग लगाकर अपनी भी जान ले ली. ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि डॉक्टर जयप्रकाश ने अपने बेटे को पहले ही मार दिया था बल्कि उन दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से किसी दीवार से टकराने से जान जाने के संकेत मिले हैं. डॉक्टर अनुपमा के ही अस्पताल में काम करने वाली डॉक्टर कांति करिया का कहना था कि इस दुखद घटना से उनके साथियों में भारी शोक है. "अनु की सभी इज़्ज़त करते थे और वह अपने काम में माहिर होने के साथ-साथ मरीज़ों की ख़ास चिंता और देखभाल करती थीं." डॉक्टर कांति याद करते हुए कहती हैं, "अनु उत्साही थीं, विनम्र थीं और अपने पेश को समर्पित थीं." |
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||