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बीबीसी कार्यक्रम ने ही बीबीसी की आलोचना की
बीबीसी टेलीविज़न में अपने पैनोरमा कार्यक्रम में ब्रितानी सरकार के पूर्व हथियार विशेषज्ञ डॉक्टर डेविड कैली के ऐसा विशेष इंटरव्यू दिखाया है जो पहले कहीं नहीं दिखाया गया. इस कार्यक्रम में उन घटनाओं को कृत्रिम कलाकारों के साथ फिर से पेश करने की कोशिश की गई जो डॉक्टर डेविड कैली की आत्महत्या से पहले हुईं. डॉक्टर कैली ने पिछले साल जुलाई में आत्महत्या कर ली थी. पैनोरमा कार्यक्रम में दिखाए गए इंटरव्यू में डॉक्टर कैली ने इस बात से तो सहमति जताई कि सद्दाम हुसैन एक ख़तरा हैं. लेकिन उन्होंने महाविनाश के इराक़ी हथियारों के बारे में कहा था कि उन्हें तैनात करने में दिन या सप्ताह का समय लग सकता है. जबकि ब्रिटेन सरकार के इस बारे में तैयार किए गए दस्तावेज़ में कहा गया था कि सद्दाम हुसैन महाविनाश के हथियारों को 45 मिनट में तैनात कर सकते हैं. यह इंटरव्यू डॉक्टर कैली की आत्महत्या से नौ महीने पहले रिकॉर्ड किया गया था. पैनोरमा कार्यक्रम में बीबीसी की इस बात के लिए आलोचना की गई कि उसने तथ्यों की पूरी तरह जाँच किए बिना ही अपने संवाददाता एंड्रयू गिलिगन की हिमायत की थी. पैनोरमा कार्यक्रम में यह निष्कर्ष निकाला गया कि एंड्रयू गिलिगन ने अपनी रिपोर्ट बीबीसी रेडियो को देने से पहले डॉक्टर कैली के शब्दों को ठीक तरह से पेश नहीं किया. यह भी कहा गया कि एंड्रयू गिलिगन का यह भी कहना ग़लत था कि सरकार ने 45 मिनट के दावे को ख़ुफ़िया सूचनाओं में शामिल करने के लिए गुप्तचर एजेंसियों पर कोई दबाव डाला था. पैनोरमा कार्यक्रम में बीबीसी को गवर्नरों की भी इस बात के लिए आलोचना की गई कि उन्होंने एंड्रयू गिलिगन की डायरियों की जाँच किए बिना ही उनकी हिमायत की. साथ ही सितंबर 2002 में सरकारी दस्तावेज़ तैयार करने वाली संयुक्त गुप्तचर समिति की भी आलोचना की गई है. इस समिति के पूर्व अध्यक्ष सर रोड्रिक ब्रेटव्हाइट ने पैनोरमा को बताया कि दस्तावेज़ कोई बहुत नपातुला नहीं था और समिति ना चाहते हुए भी प्रधानमंत्री कार्यालय के हाथों का खिलौना बन गई. |
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